facebookmetapixel
वर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़DGCA ने IndiGo पर लगाया ₹22.2 करोड़ का जुर्माना, दिसंबर में हुई उड़ान बाधाओं को बताया जिम्मेदारDelhi Air Pollution: दिल्ली की हवा अब ‘सर्जिकल मास्क’ वाली! AQI 500 के करीब; GRAP IV लागू

बढ़ी बिजली दरों के खिलाफ यूपी के पॉवरलूम हड़ताल पर

Last Updated- December 15, 2022 | 2:43 AM IST

कोरोनाकाल में टूट चुके उत्तर प्रदेश के पावरलूम बुनकर दशकों बाद मुर्री बंद हड़ताल पर हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र और बुनकरी के लिए दुनिया भर में मशहूर वाराणसी में हजारों पावरलूमों पर धागा नहीं चढ़ा और बुनकरों ने कामकाज ठप रखा। उत्तर प्रदेश में पावरलूम बुनकर बिजली बिल में बढ़ोतरी को लेकर विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि बिजली दरों का नया सिस्टम उन्हें धंधे से बाहर कर देगा और प्रदेश में गुजरात के सूरत और महाराष्ट्र के भिवंडी के कपड़ों का राज होगा।
प्रदेश में कपड़ा उद्योग में 80 फीसदी पावरलूम तो 20 फीसदी पर हथकरघे का कब्जा है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में इस समय 2.72 लाख पावरलूम हैं। वाराणसी, मऊ, मुबारकपुर, मोहम्मदाबाद, सीतापुर के खैराबाद, बाराबंकी, झांसी के मउरानीपुर और टांडा में हजारों की तादाद में पावरलूम हैं जिनसे 20 लाख बुनकर जुड़े हैं। प्रदेश सरकार पहले पावरलूम बुनकरों से बिजली के लिए फिक्स चार्ज लेती थी, जिसे अब प्रति यूनिट उपभोग के हिसाब से लिया जाने लगा है। उत्तर प्रदेश में 2006 से प्रति पावरलूम 72 रुपये बिजली का चार्ज लिया जा रहा है जबकि नई दरों के मुताबिक यह बिल अब 1400-1500 रुपये होगा। पावरलूम बुनकर बिजली के बिल की पुरानी व्यवस्था की बहाली को लेकर बीते कई महीनों से आंदोलनरत हैं।
वाराणसी में बुनकरों के इलाके पीली कोठी में सरदार हाजी मकबूल हसन ने एलान किया किया पुरानी व्यवस्था की बहाली तक पावरलूम की मुर्री बंद हड़ताल रहेगी। उत्तर प्रदेश बुनकर सभा के प्रदेश अध्यक्ष इफ्तेखार अहमद अंसारी का कहना है कि बुनकर बढ़े हुए बिजली का बिल चुका पाने में अक्षम हैं लिहाजा अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के सिवा उनके पास कोई चारा नहीं बचा है।
वाराणसी में सिल्क निर्माताओं व कारोबारियों की प्रमुख संस्था काशी वस्त्र उद्योग संघ से जुड़े रजत मोहन पाठक बताते हैं बिजली का बिल बढऩे के बाद सबसे बड़ी परेशानी उत्तर प्रदेश के बुनकरों के लिए बाजार में टिके रह पाने की है। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मंगलवार को वाराणसी पहुंच कर बुनकर बुनकरों को अपना समर्थन दिया।

First Published - September 2, 2020 | 12:25 AM IST

संबंधित पोस्ट