facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

यूपी रेरा अब मामलों की रोजाना सुनवाई करेगा

Last Updated- December 11, 2022 | 4:11 PM IST

उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बड़े पैमाने पर भवनों, फ्लैट व भूखंडों की शिकायतों को देखते हुए उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) अब नोएडा में ही मामलों की दैनिक सुनवाई करेगा।

 

यूपी रेरा में हाल में नियुक्त होने वाले दो सदस्य नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय में बैठेंगे और आवंटियों की समस्याओं की सुनवाई नियमित रूप से करेंगे। फिलहाल यूपी रेरा में दाखिल होने वाले कुल वादों का 80 फीसदी अकेले एनसीआर क्षेत्र से आते हैं। इनमें में सबसे ज्यादा मामले धारा 63 के उल्लंघन के हैं जहां रेरा के आदेशों का अनुपालन बिल्डर की ओर से नहीं किया जा रहा है। इस धारा के तहत उत्तर प्रदेश में दर्ज कुल मामलों की 85 फीसदी नोएडा में जबकि 20 फीसदी प्रदेश के अन्य शहरों के हैं। वहीं रेरा की धारा 31 जिसके तहत देरी से कब्जा देने के मामले दर्ज किए जाते हैं उसमें भी सबसे ज्यादा शिकायतें एनसीआर में दर्ज की गई हैं। धारा 31 के तहत दर्ज कुल शिकायतों का 75 फीसदी एनसीआर से ही हैं।

यूपी रेरा की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक नव नियुक्त होने वाले दो सदस्य नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय से प्रकरणों की सुनवाई करेंगे। एनसीआर क्षेत्र में कार्य की अधिकता को देखते हुए प्राधिकरण द्वारा हितधारकों विशेषकर उपभोक्ताओं के हित में यह फैसला लिया गया है।

गौरतलब है कि सितंबर 2018 में गठन के समय ही एनसीआर के उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर में उत्तर प्रदेश रेरा का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया गया था। वर्तमान में एनसीआर क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिकायतों को देखते हुए  रेरा के 4 पीठ एनसीआर क्षेत्रीय कार्यालय में और 3 पीठ लखनऊ, मुख्यालय में हैं। यूपी रेरा में अब तक एनसीआर क्षेत्र के उपभोक्ताओं की 33825 शिकायतें तथा प्रमोटरों की 103 शिकायतों सहित कुल 33928 शिकायतें धारा-31 के तहत पंजीकृत हुई हैं। वहीं एनसीआर के बाहर के जिलों के आवंटियों की 10,741 शिकायतें पंजीकृत हुई हैं। इसी तरह धारा 63 के तहत आदेशों के कार्यान्वयन के मामलों की संख्या 4072 तथा नॉन एनसीआर में 696 है। 
 

First Published - August 29, 2022 | 8:31 PM IST

संबंधित पोस्ट