facebookmetapixel
Advertisement
छात्रों के विरोध के आगे झुकी सरकार! कैसे PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल में इस्तीफा देने वाले दूसरे केंद्रीय मंत्री बने प्रधानपश्चिम एशिया संकट व तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अगले हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट का हाल?नीट पेपर लीक, परीक्षा रद्द, आंदोलन और अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा…..3 मई से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयास

शहर में सन्नाटा है क्यों पसरा हर गली

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 3:45 AM IST

बुधवार को जहां राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर स्कूटरों, कारों और बसों की लंबी कतार लगी थी, आज उन्हीं पेट्रोल पंपों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।


पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल तो है लेकिन लगता है कि उन्हें खरीदने वाले ग्राहक कहीं गायब हो गए हैं। सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई ऐतिहासिक बढ़ोतरी का असर पेट्रोल पंपों पर साफ देखने को मिला।

केंद्र सरकार ने बुधवार को पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी करने का फैसला किया था। दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित पेट्रोल पंप के संचालक रणविजय सिंह ने बताया, ‘बाकी दिन के मुकाबले आज ग्राहकों की संख्या में जबरदस्त कमी देखने को मिली है।

यूनिवर्सिटी के नजदीक होने के कारण यहां सबसे ज्यादा छात्र आते हैं लेकिन वे भी बमुश्किल ही नजर आए हैं।’ तेल की कीमत ने सिर्फ आम लोगों की जेब पर बोझ ही नहीं बढ़ाया है बल्कि इससे पंप मालिकों की कमाई पर भी असर पड़ेगा।

नैनो से कर ली तौबा

पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमत ने ‘नैनो’ कार को लेकर लोगों में थोड़ी मायूसी पैदा कर दी है। राजेंद्र नगर निवासी मुकेश ने बताया कि, ‘नैनो को लेकर हमने काफी ख्वाब पाल रखे थे। लेकिन जिस तरह दिनों-दिन तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, उससे अब मैं इस कार (नैनो) को खरीदने के फैसले पर फिर से विचार कर रहा हूं।’

तेल की आसमान छूती कीमतों से वाहनों की बिक्री पर काली परछाई छा गई है। एरिक्सन इंडिया लिमिटेड में इंजीनियर अजय पाण्डेय इस महीने नई कार खरीदने की योजना बना रहे थे लेकिन उन्होंने इसे कुछ महीनों के लिए टाल दिया है। राणा मोटर्स के एक सेल्स एक्जीक्यूटिव का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं कि पेट्रोल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से शहर में वाहनों की बिक्री पर असर पड़ेगा।

घुमाई पड़ेगी महंगी

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पर्यटन पर भी पड़ता दिख रहा है। लाल किला स्थित महावीर टे्रवल एजेंसी के सुधीर ने बताया, ‘अब क्योंकि डीजल की कीमत में 3 रुपये की वृध्दि की जा चुकी है इसलिए हम लोगों ने भी भाड़े में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।’

सुधीर ने बताया कि अभी तक छोटी कार का किराया प्रति किलोमीटर 6 रुपये और बड़ी गाड़ियों का 11 रुपये था। तेल की कीमत बढ़ने के बाद कार के किराए में 1 से 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किराए में बढ़ोतरी करने से कुछ असर तो जरूर पड़ेगा लेकिन क्या करें, हमारी भी मजबूरी है।

रातों रात आया तेल

बुधवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर सुनते ही राजधानी के पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। शहर के कुछ पंपों पर सुखाड़ का मौसम था तो कहीं ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड लगा दिया गया  था। ऐसे में लोगों को पेट्रोल पंपों से खाली हाथ लौटना पड़ा। लेकिन आज नजारा बदला हुआ था।

जंगपुरा के निवासी सोनू कहते हैं कि ‘कल तो पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं था तो भला रातों-रात यहां के टैंकरों में कौन तेल डाल गया।’ उन्होंने कहा कि भले ही सरकार की योजना तेल कंपनियों को हो रहे घाटे को पाटने का रहा हो लेकिन इसकी मार तो सिर्फ आम जनता को ही झेलनी पड़ेगी।

Advertisement
First Published - June 5, 2008 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement