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रोड़े हैं बहुत, पर विकास के रास्ते पर बिहार में कारोबार

Last Updated- December 10, 2022 | 12:12 AM IST

उद्योगों की कमी के कारण बेरोजगारी की मार झेल रहे बिहार में निजी क्षेत्र से निवेश आने लगा है। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद निजी क्षेत्र से निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद का गठन किया गया था।
इसने पिछले तीन सालों में निजी क्षेत्र के करीब 92,000 करोड़ रुपये के 164 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें दो चीनी मिलें, 11 बिजली परियोजनाएं, 8 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और 6 तकनीकी संस्थान शामिल हैं।
इनमें से 92 उद्योगों ने काम करना शुरू भी कर दिया है। राज्य के उद्योग मंत्री दिनेश चंद्र यादव ने बिानेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हमने उद्योग जगत के लोगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया, जिससे एक ही आवेदन से हर विभाग से स्वीकृति मिल जाती है। कारोबारी खासे उत्साहित हैं और वे बिहार में निवेश कर रहे हैं।’
राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से हैंडलूम विकास योजना जैसी क्षेत्र आधारित योजना पर भी काम कर रही है। इस योजना के तहत राज्य के 9 इलाकों को हैंडलूम क्लस्टर घोषित किया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 88.25 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 14.5 लाख रुपये दिए गए हैं।
इसके अलावा पॉवर लूमों को बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर जेनरेटर की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। अपनी इकाइयां लगाने की इच्छा रखने वाले प्रशिक्षित लोगों को आर्टीशन क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत धन मुहैया कराया जा रहा है।
यह अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि 2008-09 में कुल 631 प्रशिक्षित लोगों को 291.01 लाख रुपये का कर्ज मुहैया कराया जा चुका है। साथ ही छोटे स्तर पर सहभागिता योजना ‘स्माल आंटरप्रेन्योर क्रेडिट कार्ड स्कीम’ के  तहत 2 लाख रुपये का ऋण दिया जा रहा है।
इस योजना के जहत 2008-09 में 173 उद्यमियों को धन मुहैया कराया गया है। हालांकि उद्योग मंत्री केंद्र सरकार से खासे निराश हैं। उन्होंने बताया कि गन्ना और मक्के से एथेनॉल बनाने की योजना थी, जिसकी स्वीकृति केंद्र सरकार ने नहीं दी। इसके चलते 14 यूनिट प्रभावित हुई है। बावजूद इसके, कारोबारी हताश नहीं हैं। उन्हें इंतजार है कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिल जाए और काम शुरू कर दिया जाए।
उद्योग मंत्री ने कहा, ‘अब बिहार बदल रहा है। खासकर कारोबारियों की सोच बिहार के प्रति बदली है और वे राज्य में निवेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उद्योगपतियों को राज्य में कारोबार स्थापित करने के लिए नियमों के तहत हर सुविधा मुहैया कराई जा रही है।’

First Published - February 6, 2009 | 8:48 PM IST

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