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छोटे पनबिजली संयंत्रों पर आया बड़ों का दिल

Last Updated- December 08, 2022 | 5:01 AM IST

उत्तराखंड की नायर घाटी में विकसित की जाने वाली चार पनबिजली परियोजनाओं की बोली प्रक्रिया में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली स्थित एक गठजोड़ डब्लूडब्लूआई-आरआरई ने प्रति मेगावाट 1.27 प्रीमियम अदा करने की बात कही है।


ऐसा माना जा रहा है कि किसी पनबिजली परियोजना के लिए यह देश में सबसे अधिक प्रीमियम है। नायर घाटी के बनने वाली चार पनबिजली परियोजनाओं की कुल क्षमता 23,25 मेगावाट होगी। खासतौर से वैश्विक आर्थिक मंदी के इस दौर में राज्य सरकार के लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि बोली लगाने वाले गठजोड़ का नेतृत्व आर आर ईनजी (आरआरई) लिमिटेड और वर्ल्ड विंडो इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

इन दोनों कंपनियों ने मिलकर 17 मेगावाट क्षमता वाले नायर बांध, 2 मेगावाट क्षमता वाले संतुधार-1, 2 मेगावाट क्षमता वाले संतुधार-2 और 2.25 मेगावाट क्षमता वाले बियाली गांव परियोजनाओं के निर्माण के लिए बोली लगाई है।

ये सभी परियोजनाएं गंगा की सहायक नदी नायर नदी पर बनाई जाएंगी।

First Published - November 24, 2008 | 9:23 PM IST

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