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सिंगल यूज प्लास्टिक निर्माताओं पर सख्ती

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Last Updated- December 11, 2022 | 5:38 PM IST

दिल्ली में अब तक सिंगल यूज प्लास्टिक बेचने वालों पर सख्ती हो रही थी। अब इसे बनाने वालों के खिलाफ भी सख्ती होने लगी है। दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक बनाने वाले कारखानों में छापेमारी/जांच शुरू हो गई है। जो उद्योग प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण करते पाए जाएंगे, उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। कारखाना मालिक को सजा भी हो सकती है।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पाद बनाने वालों को जागरूक किया जा रहा था। आज से सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों को प्रतिबंधित करने के कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत कारखाना बंद करने के नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही उल्लंघनकर्ता के खिलाफ एक लाख रुपये जुर्माना और 5 साल की जेल या दोनों कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 48 टीमें बनाई हैं और एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। जिसकी निगरानी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) करेगी। डीपीसीसी के एक अधिकारी ने आज की गई कार्रवाई के सवाल पर कहा कि अभी टीमें कार्रवाई कर रही है। ये आंकडें देर शाम या सुबह तक पता चल पाएंगे। 
दिल्ली में बवाना और नरेला औद्योगिक क्षेत्रों में सबसे ज्यादा प्लास्टिक इकाइयां हैं। बवाना चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रकाश चंद जैन ने बताया कि बवाना और नरेला में 400 से 500 प्लास्टिक इकाइयां हैं। 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पाद प्रतिबंधित होने के बाद अब तक उद्यमियों को चेताया जा रहा था लेकिन आज से कारखानों में छापेमारी/ जांच शुरू हो गई है। सुबह से 15—20 उद्यमियों ने छापेमारी की सूचना दी है। एक उद्यमी ने बताया कि काफी कोशिश के बावजूद अब भी स्टॉक बचा हुआ है।

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First Published - July 11, 2022 | 11:24 PM IST

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