facebookmetapixel
Aadhaar PVC Card: नए साल की शुरुआत में बनवाएं नया PVC आधार कार्ड, सिर्फ ₹75 में; जानें कैसेवेनेजुएला के तेल से खरबों कमाने के लिए अमेरिका को लगाने होंगे 100 अरब डॉलर, 2027 तक दिखेगा असर!स्वच्छ ऊर्जा से बढ़ी उपज, कोल्ड स्टोरेज ने बदला खेलBharat Coking Coal IPO: 9 जनवरी से खुलेगा 2026 का पहल आईपीओ, प्राइस बैंड तय; फटाफट चेक करें डिटेल्सउत्तर प्रदेश की चीनी मिलें एथनॉल, बायोगैस और विमानन ईंधन उत्पादन में आगे₹1,550 तक का टारगेट! PSU stock समेत इन दो शेयरों पर BUY की सलाहRBI MPC की नजर आर्थिक आंकड़ों पर, ब्याज दर में आगे की रणनीति पर फैसलाAdani Green के Q3 रिजल्ट की तारीख-समय तय, जानें बोर्ड मीटिंग और निवेशक कॉल की पूरी डिटेलStock Market Update: आईटी शेयरों पर दबाव से बाजार में कमजोरी, सेंसेक्स 110 अंक टूटा; निफ्टी 26300 के नीचे फिसलाTata Technologies Q3 रिजल्ट 2026: तारीख आ गई, इस दिन आएंगे तिमाही नतीजे

ग्रामीण भारत को भा रही है मूल्य वर्धित सेवाओं की सवारी

Last Updated- December 07, 2022 | 3:43 PM IST

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की मूल्य वर्धित सेवाएं सर चढ़ कर बोल रही हैं।


सेवा प्रदाताओं द्वारा स्थानीय मंडी की कीमतों, फसल संबंधी बीमारियां एवं उसके नियंत्रण के उपायों के साथ-साथ पोस्ट ऑफिस, अस्पताल, क्लीनिक, डॉक्टर, आपातकालीन सेवाओं आदि के महत्वपूर्ण टेलीफोन नंबर और इसी तरह के अन्य स्थानीय नंबर भी ग्रामीण आबादी को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), वोडाफोन एस्सार और भारती एयरटेल सरीखे दूरसंचार ऑपरेटर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बनाने को बेताब हैं। बीएसएनएल (पूर्वी उत्तर प्रदेश) के मुख्य महाप्रबंधक ओम वीर सिंह ने बिानेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘ग्रामीण इलाकों में दूरसंचार ऑपरेटरों के विस्तार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।’

सिंह के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट के  इस्तेमाल में भी काफी तेजी से वृध्दि हो रही है। अब ग्रामीण जनता भी वीएएस सेवाओं का इस्तेमाल कर रही है। सिंह ने बताया, ‘इंटरनेट एवं अन्य मूल्य वर्धित सेवाओं की वजह से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल रूप से दूरी बनी हुई हैं। लेकिन मुझे लगता है कि आने वाले कुछ सालों में ये दूरियां भी मिट जाएंगी।’

बीएसएनएल ग्रामीण क्षेत्रों में एचसीएल जैसी कंपनियों के साथ गठजोड़ कर नाममात्र की कीमत पर कम्प्यूटर मुहैया कराने की जुगत में है ताकि विभिन्न ऑपरेटरों द्वारा मूल्य वर्धित सेवाओं का इस्तेमाल ग्रामीण जनता कर सके। सिंह ने बताया कि ऑपरेटरों द्वारा हर महीने करीब 6 लाख नए कनेक्शन मुहैया कराते हैं। पूरे राज्य में टेलीफोन कनेक्शन 2 करोड़ से भी अधिक है। सेल्यूलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के ताजा आंकड़े के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल सबसे बड़ा दूरसंचार ऑपरेटर है जबकि वोडाफोन एस्सार और भारती एयरटेल का स्थान इसके बाद आता है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में  वोडाफोन मार्केट लीडर रहा है। भारती एयरटेल ने भारतीय किसान सहकारी उर्वरक लिमिटेड (इफको) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है, ताकि किसानों को बड़े पैमाने पर सूचनाएं मुहैया कराई जा सके। उत्तर प्रदेश में किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूरसंचार ऑपरेटर करीब 2500 इफको समितियों के साथ मिलजुल कर काम कर रहे हैं। पिछले साल अप्रैल में बाराबंकी के दनयालपुर और मुबारकरपुर में एक पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था।

शुरुआत में इस योजना के तहत इफको के वास्तविक सदस्य को ‘सुख पैक’ नामक एक विशेष पैकेज ऑफर किया गया था, जिसके तहत उपभोक्ता को अन्य इफको सदस्य से सब्सिडाइज दर पर बात करने की छूट थी। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इस मॉडल को इसी साल मई महीने में सफलतापूर्वक पूरे देश में शुरू किया गया है। इफको किसान सदस्यों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन बना दिया गया है। डेली अलर्ट के रूप में किसानों को खेती, स्वास्थ्य, मंडी और अन्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

गांवों में भानुमति का नया पिटारा

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मंडियों के भाव, फसल संबंधी बीमारियों के नियंत्रण और महत्वपूर्ण फोन नंबरों की जानकारी के लिए ली जा रही है मोबाइल सेवाओं की मदद

First Published - August 7, 2008 | 9:10 PM IST

संबंधित पोस्ट