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मध्य प्रदेश में सूखा राहत के लिए 340 करोड़ रुपये का आवंटन

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Last Updated- December 05, 2022 | 4:44 PM IST


मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सूखा प्रभावित 39 जिलों को 269.29 करोड़ रुपये की आपदा राहत निधि के अलावा 67 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। प्रदेश के राजस्व मंत्री कमल पटेल ने विधानसभा को बताया कि सरकार ने बुंदेलखंड सूखा प्रभावित इलाकों के लिए 50 करोड़ रुपये और शीतलहर में पाले से प्रभावित किसानों के लिए आठ करोड़ रुपये जारी किए हैं।


पटेल ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अतिरिक्त रूप से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में पिछले चार साल से लगातार पड़ रहे सूखे से निपटने के लिए राज्य सरकार ने इस साल 50 करोड़ रुपए राहत कार्यों के लिए भेजे हैं। उन्होेंने कहा कि प्रदेश में सूखा को अब तक प्राकृतिक आपदा में शामिल नहीं करने के कारण किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) के प्रावधानों का लाभ नहीं मिलता था, लेकिन राज्य सरकार ने पिछले माह ही सूखा को प्राकृतिक आपदा सूची में शामिल कर लिया है।


राजस्व मंत्री ने विपक्ष को आश्वासन दिया कि किसानों के साथ कोई पक्षपात नहीं हो रहा है और मुआवजा वितरण में पारदर्शिता के लिए जनप्रतिनिधियों के हाथ से चेक वितरण का काम किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार फसल बीमा योजना का लाभ अतिशीघ्र दिलाने के लिए बीमा कंपनी से पहल करेगी। हालांकि विपक्ष ने सरकार पर मुआवजा और राहत पहुंचाने में असफल रहने का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआउट किया।


पटेल ने सदस्यों को संतुष्ट करने का प्रयास करते हुए कहा कि फसलों को हुए नुकसान की उचित स्थिति पता करने तथा किसानों को समुचित मुआवजा एवं राहत देने के उद्देश्य से प्रदेश में तीसरी बार सर्वे का काम चल रहा है और केंद्र से अब तक कोई मदद नहीं मिलने के बावजूद शीघ्र ही मुआवजा वितरण एवं राहत कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। अनेक स्थानों पर राज्य सरकार द्वारा भेजी राशि पहुंच चुकी है और कहीं भी पैसों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।

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First Published - March 19, 2008 | 1:01 AM IST

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