facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

मप्र में भारी बारिश के बाद राहत कार्य जारी

Last Updated- December 11, 2022 | 4:21 PM IST

मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा, राजगढ़, गुना, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम और जबलपुर जिलों में बारिश ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगलवार सुबह तक हुई 48 घंटों की लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गयीं। अकेले भोपाल शहर में 36 घंटे में 13 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गयी।

पड़ोसी जिले विदिशा में बेतवा तथा उसकी सहायक नदियों के उफान पर आने के कारण कई गांव पानी में डूब गये। पार्वती नदी में भी बाढ़ आयी हुई है। विदिशा और गुना जिलों में 25 गांव बाढ़ के पानी में डूब गये हैं। विदिशा जिले में 1200 लोगों को 18 राहत शिविरों में रखा गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न गांवों से बाढ़ जैसे हालात में फंसे 400  से अधिक लोगों को निकाला गया है जबकि निचले इलाकों में रहने वाले 2300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें लगातार बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। लोगों को निकालने के लिए तीन हेलीकॉप्टरों की सेवा भी ली जा रही है। गौरतलब है कि भारी बारिश के कारण राजधानी भोपाल में रविवार और सोमवार को अधिकांश समय बिजली गुल रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लगातार हालात पर नजर बनाये हुए हैं तथा प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ संपर्क में हैं तथा उन्हें आवश्यक दिशानिर्देश दे रहे हैं। सोमवार रात मुख्यमंत्री ने खुद राजधानी भोपाल की सड़कों पर निकलकर हालात का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भारी बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश बांध भर गये हैं और अनेक बांधों के गेट खोलने पड़े।

First Published - August 24, 2022 | 3:46 PM IST

संबंधित पोस्ट