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अब उद्योगों को DPCC से ज्यादा समय के लिए मिलेगी अनुमति

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Last Updated- April 18, 2023 | 5:40 PM IST

दिल्ली के उद्यमियों को पर्यावरण अनुमति के मामले में बडी राहत मिली है। दिल्ली सरकार ने पर्यावरण अनुमति की वैधता अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इस कदम से उद्यमियों को पर्यावरण अनुमति लेने के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पडेगा। उद्यमियों को उद्योग लगाने और चलाने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) से अनुमति लेनी होती है। इसके साथ ही इस अनुमति का निर्धारित अवधि के बाद नवीनीकरण भी कराना होता है।

ग्रीन उद्योगों की अनुमति वैधता बढ़कर 15 साल, जबकि ऑरेंज की बढकर 10 साल हुई

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में रेड श्रेणी के तहत आने वाले उद्योगों को चलाने और लगाने के लिए डीपीसीसी की अनुमति की वैधता 5 साल के लिए होती है। ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों के लिए भी अनुमति की वैधता 5 साल की है, जबकि ग्रीन श्रेणी के अनुमति की वैधता 10 साल के लिए होती है।

DPCC ने ऑरेंज और ग्रीन श्रेणी के उद्योगों के लिए अनुमति की वैधता बढाने का निर्णय लिया है। अब ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को लगाने और चलाने के लिए अनुमति की वैधता 10 साल के लिए होगी, जबकि ग्रीन श्रेणी के तहत आने वाले उद्योगों के लिए अनुमति की वैधता 10 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी गई है। यह नई अनुमति वैधता पर्यावरण अनुमति के नवीनीकरण पर भी लागू होगी।

उद्यमियों को रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट श्रेणी के लिए DPCC से अनुमति मिलती है। रेड श्रेणी के तहत ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग आते हैं। दिल्ली में इस श्रेणी के तहत आने वाले ज्यादातर उद्योग पर पाबंदी है।

ऑरेंज श्रेणी के तहत प्रदूषण नियंत्रण उपायों के साथ चलने वाले उद्योग आते हैं, जबकि ग्रीन श्रेणी में गैर प्रदूषित उद्योग आते हैं। उद्योगों की एक अन्य व्हाइट श्रेणी भी है। इसके तहत आने वाले उद्योग को अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती है। इन उद्योगों को सिर्फ बताना होता है कि वे व्हाइट श्रेणी के तहत आने वाला काम करते हैं।

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First Published - April 18, 2023 | 5:40 PM IST

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