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विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर बढ़ा भरोसा, फरवरी में ₹20,000 करोड़ की खरीदारी से आई स्थिरता

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वहीं, वैश्विक उभरते बाजार (जीईएम) इक्विटी फंडों ने पिछले सप्ताह 6.9 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह आकर्षित किया

Last Updated- February 15, 2026 | 9:33 PM IST
FPI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय शेयरों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का निवेश साल की शुरुआत में भारी बिकवाली के बाद स्थिरता के शुरुआती संकेत दिखा रहा है। जनवरी में लगभग 36,000 करोड़ रुपये (लगभग 4 अरब डॉलर) की शुद्ध निकासी के बाद एफपीआई शुद्ध खरीदार बन गए हैं। उन्होंने लगभग 20,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की है जिसमें शुक्रवार की 7,400 करोड़ रुपये की बिकवाली शामिल नहीं है, जो आईटी शेयरों में गिरावट के कारण हुई। 

इन निवेश के स्रोतों पर करीब से नजर डालें तो पता चलता है कि यह बदलाव भारत-केंद्रित फंडों में सुधार के कारण आया है। इसमें उभरते बाजारों (ईएम) की व्यापक रणनीतियों में तेज और निरंतर प्रवाह भी वजह रही। इन रणनीतियों में भारत एक प्रमुख आवंटन बना हुआ है।

इलारा कैपिटल के एक विश्लेषण के अनुसार भारत-केंद्रित फंडों ने पिछले सप्ताह 21.7 करोड़ डॉलर का पूंजी निवेश दर्ज किया। यह सात महीनों में सबसे अधिक है। ब्रोकरेज ने कहा कि ये प्रवाह पूरी तरह से ईटीएफ-आधारित थे, जिसमें से अधिकांश अमेरिका और आयरलैंड में स्थित निवेश माध्यमों से आए। 

वहीं, वैश्विक उभरते बाजार (जीईएम) इक्विटी फंडों ने पिछले सप्ताह 6.9 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह आकर्षित किया। इससे पहले के दो सप्ताह में 5 अरब डॉलर और 11 अरब डॉलर का निवेश आया था। इलारा ने कहा कि 2016-18 के बाद जीईएम आवंटन में यह सबसे मजबूत रफ्तार है। इसके विपरीत, लॉन्ग-ओनली इंडिया फंडों में सितंबर 2025 से लगातार निकासी देखी जा रही है, जो मुख्य रूप से जापान और लक्जमबर्ग स्थित निवेशकों की है।

कुल मिलाकर, भारत से संबंधित प्रवाह (जिसमें देश-विशिष्ट और क्षेत्रीय आवंटन शामिल हैं) पिछले तीन सप्ताह में बेहतर हुआ है। यह रुझान घरेलू शेयरों बाजारों और डिपॉजिटरी फर्म नैशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) द्वारा दर्ज सकारात्मक निवेश के आंकड़ों में दिखाई देती है।

इलारा का अनुमान है कि भारत में हालिया एफपीआई निवेश का अधिकांश भाग जीईएम फंडों के माध्यम से आया है। इजिसमें एशिया (जापान शामिल नहीं) निवेश का योगदान लगभग 28.5 करोड़ डॉलर का है। ब्रोकरेज ने कहा कि वैश्विक निवेशक एंटी-डॉलर निवेश थीम को मजबूत करना जारी रखे हुए हैं, कमोडिटी में बढ़ी हुई अस्थिरता के बावजूद ईएम परिसंप​त्ति वर्ग मजबूत निवेश आकर्षित कर रहा है। 

इस बीच, कमोडिटी इक्विटी फंडों में लगातार 11 सप्ताह से निवेश प्रवाह आया है। हालांकि मूल्य में तेज उतार-चढ़ाव के बीच पिछले पखवाड़े में रफ्तार कुछ कम हो गई। 

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First Published - February 15, 2026 | 9:33 PM IST

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