facebookmetapixel
Advertisement
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अगले चरण की तैयारी, 10,000 सर्किट किमी ट्रांसमिशन नेटवर्क बनेगापश्चिम एशिया संकट से सबक, भारत को मजबूत करने होंगे तेल भंडार और घरेलू उत्पादनकैबिनेट ने ₹23,731 करोड़ की गोबरधन योजना को दी मंजूरी, CBG उत्पादन बढ़ाने पर जोरविकसित भारत के लिए 21 साल तक 9.25% विकास दर जरूरी: अशोक लाहिड़ी भारत के ई20 लक्ष्य पर ब्राजील का भरोसा, जैव ईंधन को बताया पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए जरूरीउदारीकरण के 35 साल: भारत ने चीन से पहले दवा बनानी शुरू की लेकिन अब चीन वर्षों आगेतकनीक के सहारे बाजार सुधार पर जोर, सेबी लाएगा सेतु पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टमनजारा टेक्नॉलजीज ने तरजीही इश्यू से 733.5 करोड़ रुपये जुटाए, नए CEO रेमंड स्टॉफर करेंगे सबसे बड़ा निवेशम्युचुअल फंड कंपनियों की नई रणनीति, अलग-अलग थीम पर फोकस करेंगी नई स्कीमेंरक्षा शेयरों का जलवा: जून तिमाही में 2.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ा मार्केट कैप, लंबी अवधि में ग्रोथ की उम्मीद

मशहूर हस्तियों के ट्वीट की जांच से महाराष्ट्र का इनकार

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 7:32 AM IST

भारत रत्न लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर जैसी मशहूर हस्तियों के ट्वीट की जांच का मुद्दा आज विधानसभा में उठा। इस मुद्दे पर विपक्ष के आक्रमक रुख के सामने सरकार बैकफुट पर खड़ी नजर आई। विपक्ष का कहना था कि महाविकास अघाड़ी सरकार उन लोगों की जांच करवा रही है, जिन्होंने राष्ट्रीय हित में ट्वीट किया है, जबकि गृहमंत्री का कहना था कि हम लता और सचिन की नहीं, बल्कि भाजपा आईटी सेल वालों की जांच कर रहे हैं।
किसानों के आंदोलन को लेकर कुछ विदेशी हस्तियों के ट्वीट के बाद भारत के समर्थन में सचिन तेंदुलकर एवं लता मंगेशकर की ओर से किए गए ट्वीट की जांच का आदेश कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख की ओर से दिया गया था। मुंबई पुलिस इस मामले की जांच भी कर रही है। आज यही मामला महाराष्ट्र विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की ओर से उठाया गया। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने हालांकि इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के ट्वीट की जांच करने के आदेश दिए थे, न कि क्रिकेटर तेंदुलकर और गायिका लता मंगेशकर द्वारा किए गए ट्वीट की। उल्लेखनीय है कि देशमुख ने कहा था कि राज्य का खुफिया विभाग इस बात की जांच करेगा कि किसान आंदोलन को लेकर कुछ हस्तियों ने दबाव में तो ट्वीट नहीं किया। तेंदुलकर एवं मंगेशकर सहित कई प्रमुख हस्तियों ने केंद्र सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर चलाए हैशटैग भारत एकजुट है एवं भारत प्रोपगेंडा के खिलाफ है के साथ ट्वीट किया था।
नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा में कहा कि तेंदुलकर और मंगेशकर भारत प्रोपगेंडा के खिलाफ है और भारत एकजुट है ट्वीट किया था। फडणवीस ने सदन से सवाल करते हुए कहा कि क्या इस देश में भारत एकजुट कहना गलत है? कोई खड़ा होता है और गृहमंत्री से शिकायत करता है, देशमुख ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई करने से पहले सोचें। हालांकि गृहमंत्री ने फडणवीस के आरोपों से इनकार कर दिया। मंत्री ने कहा कि मैंने तेंदुलकर या मंगेशकर की जांच कराने की बात नहीं की थी। मैंने राजनीतिक पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ की जांच कराने की बात कही थी जिसका नाम मैं नहीं ले रहा, जांच में 12 लोगों का नाम आया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बाद में देशमुख ने कहा कि यह भाजपा का आईटी प्रकोष्ठ है।
गौरतलब है कि पिछले महीने ग्रेटा थनबर्ग और रिहाना की ओर से किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए ट्वीट किया गया था, इसके बाद लता मंगेशकर, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, कंगना रनोट, अक्षय कुमार और अजय देवगन समेत कई सेलिब्रिटीज ने सरकार के समर्थन में ट्वीट किया था। इन ट्वीट के कंटेंट पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने गृह मंत्री अनिल देशमुख से इस पर कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके बाद गृह मंत्री ने मामले की जांच इंटेलिजेंस विभाग को दे दी थी। सचिन सावंत ने सेलिब्रिटीज के वे सोशल मीडिया कमेंट्स भी दिखाए जो करीब एक जैसे हैं। उन्होंने शक जताया कि ये कमेंट्स केंद्र सरकार के दबाव में किए गए हैं। यह पहली बार है, जब इन सेलिब्रिटी के कमेंट्स की महाराष्ट्र में जांच हो रही है।

Advertisement
First Published - March 2, 2021 | 11:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement