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राष्ट्रमंडल खेल: कैसे होगी सुरक्षा!

Last Updated- December 08, 2022 | 8:04 AM IST

देश के प्रमुख हवाई अड्डों, होटलों और सरकारी भवनों पर भले ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, लेकिन सरकार राष्ट्रमंडल खेल 2010 में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभी तक कोई भी दिशा-निर्देश तैयार नहीं कर सकी है।


राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अतिरिक्त महानिदेशक ए. वासुदेवन ने बताया, ‘सुरक्षा को लेकर कोई औपचारिक दिशा-निर्देश तो नहीं है। लंदन स्थित राष्ट्रमंडल खेल परिसंघ भागीदारों की देखरेख कर रहा है और कोशिश यह है कि खेल सहज रूप से हो और खिलाड़ी खुश रहें।’

नई दिल्ली में 3 से 14 अक्टूबर 2010 के दौरान राष्ट्रमंडल खेल का आयोजन किया जा रहा है और खेल गांव का निर्माण पूरे जोरों पर है। लेकिन परियोजना के विकासकर्ता और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति ने अभी तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी विशेष रणनीति की चर्चा नहीं की है।

राष्ट्रमंडल खेल की सुरक्षा बजट केवल 260 करोड़ रुपये है, जबकि ऑस्ट्रेलिया सरकार ने पिछले राष्ट्रमंडल खेल के दौरान सुरक्षा पर 20 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। इस खेल के लिए कुल 5500 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव है, लेकिन सुरक्षा खर्च मद में अलग से राशि का कोई प्रस्ताव नहीं है।

खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नियमों के मुताबिक खेलों के आयोजन स्थल, खिलाड़ियों और दूसरे अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी मेजबान देश की है और इसकी समीक्षा आमतौर पर आयोजन शुरू होने की तारीख से 6 से 8 महीने पहले की जाती है।

इसके अलावा खिलाड़ियों के ठहरने के लिए तैयार किए जा रही आवासीय परियोजना में भी कोई विशेष सुरक्षा उपकरण नहीं लगाए जा रहे हैं। इस परियोजना का विकास एम्मार एमजीएफ द्वारा किया जा रहा है।

एम्मार एमजीएफ के एक वरिष्ठ कार्यपालक ने कहा, ‘ परियोजना दिल्ली विकास प्राधिकरण की है और उन्होंने सुरक्षा को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। हम केवल डेवलपर हैं। हम इसे किसी दूसरी आवासीय परियोजना की तरह ही देखते हैं।’

First Published - December 9, 2008 | 9:19 PM IST

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