facebookmetapixel
Advertisement
बाजार में सब ठीक दिख रहा, लेकिन अंदर से बढ़ रहा खतरा! ब्रोकरेज ने दी डिफेंसिव शेयरों में निवेश की सलाहUS Fed Rate: अमेरिकी फेड का बड़ा फैसला! ब्याज दरें रहीं स्थिर, लेकिन महंगाई को लेकर सख्त रुख बरकरारStock Market Today: GIFT Nifty में गिरावट के संकेत, एशियाई बाजारों में दबाव; आज Tata Steel समेत कई दिग्गजों के नतीजेRBI अगस्त में ब्याज दर बदलेगा या नहीं? जानें 72 अर्थशास्त्रियों के सर्वे में क्या निकलाअगस्त में किन सेक्टरों में बनेगा पैसा? Realty और Auto पर बुलिश, IT पर ब्रोकरेज ने क्यों किया सावधान?Crude Oil: तेल की कीमतों में फिर गिरावट, राहत की उम्मीद से सस्ता हुआ कच्चा तेलStocks To Watch Today: PNB, BHEL, NBCC समेत इन शेयरों पर रखें नजर, कई कंपनियों ने किए बड़े ऐलानविदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 889 अंक उछला, निफ्टी में 265 अंकों की बढ़तपश्चिम एशिया में हवाई हमलों से कच्चा तेल 7% उछला, ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के करीब पहुंचाRBI के दखल और शेयर बाजार की तेजी से रुपया मजबूत, 13 जुलाई के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर बंद

छात्रों को भी डरा रहा है वित्तीय संकट

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 10:48 PM IST

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लीमन ब्रदर्स जैसे वित्तीय संस्थानों के चरमराने के बाद आईटी, मार्केटिंग जैसे पाठयक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्र-छात्राओं की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने की संभावना है।


प्रोफेशनल पाठयक्रमों के क्षेत्र में वित्त से संबधित कोर्स हमेशा से ही छात्रों को सबसे ज्यादा आकर्षित करते रहे हैं। वित्तीय पाठयक्रमों के विशेषज्ञों का अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के वित्त संस्थानों के ढहने के बाद छात्र  आईटी और विपणन नीतियों से संबधित कोर्सों को ज्यादा तरजीह देना शुरू कर देंगे।

आने वाले सत्र में में वित्त से संबधित कोर्सों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या में 7 फीसदी की कमी आने की संभावना है। वर्तमान में वित्तीय पाठयक्रमों में छात्रों की उपस्थिति कुल पाठयक्रमों की लगभग 30 फीसदी है। लखनऊ स्थित भारतीय प्रंबधन संस्थान के एक वरिष्ठ प्रोफेसर का कहना है कि अब छात्रों के लिए मार्केटिंग एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

आईटी क्षेत्र से संबधित पाठयक्रमों के विशेषज्ञों का कहना है कि ‘आईटी क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट का असर पड़ रहा है।इस कारण छात्र आईटी क्षेत्र भी छात्रों के मन में संशय पैदा कर सकता है। पिछले वर्ष लीमन ब्रदर्स में संस्थान के तीन छात्रों का प्लेसमेंट हुआ था।

लेकिन उन तीनों को ही बैंक के कंगाल होने पर नौकरी गंवानी पड़ी है। लेकिन संस्थान के छात्रों की मांग संस्थान में पढ़ने वाले कुल उपस्थित छात्रों की संख्या से बहुत ज्यादा है। ‘ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे वित्तीय संकट को देखते हुए सामाजिक क्षेत्र से जुडे पाठयक्रम भी छात्रों को अपनी तरफ खींच सकते है।

Advertisement
First Published - October 6, 2008 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement