facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी कोर्ट ने एंट्रिक्स के खिलाफ देवास का फैसला रखा बरकरार, 56.25 करोड़ डॉलर का अवॉर्ड कायमएअर इंडिया A320 का हाइड्रोलिक सिस्टम हुआ था फेल, 4 सेकंड तक नियंत्रण से बाहर रहा विमान: एयरबसमहिंद्रा का भारी ट्रकों पर बड़ा दांव, बाजार हिस्सेदारी 5% करनी की तैयारी; नई डीलरशिप जोड़ेगी कंपनीAMCA लड़ाकू विमान के लिए रिलायंस और रोल्स-रॉयस ने मिलाया हाथ, भारत में बनेगा फाइटर जेट इंजनवैश्विक पटल पर चमका भारत, प्यू रिसर्च के सर्वे में दुनिया के कई देशों ने जताई सकारात्मक रायस्वतंत्रता दिवस पर घूमने का बढ़ा क्रेज, होटल बुकिंग 20% तक बढ़ी; युवाओं में ट्रैवल का जोशलंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ी, ब्याज दर स्थिर रहने की उम्मीद से मिला सहारावीकेंड पर भारी डिस्काउंट व ग्राहकों के बेहतर मूड से अच्छी खरीदारी की उम्मीद, रिटेलरों को मजबूत बिक्री का भरोसाबैंक जमा वृद्धि दिसंबर 2016 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर, 31 जुलाई तक 15.4% बढ़ीअमेरिका की नई रिपोर्ट से भारत पर बढ़ा दबाव, चीन के ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क में किया गया शामिल

यूपी के 43 जिलों में खुलेंगे फास्ट चार्जिंग स्टेशन

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 4:21 PM IST

उत्तर प्रदेश में तेजी से चलन में आ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा के लिए फास्ट चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इसकी शुरुआत की गयी है। इस फास्ट चार्जिंग स्टेशनों पर बैटरी चालित वाहन महज 50 मिनट में ही चार्ज हो जाएंगे।

प्रदेश सरकार की योजना के मुताबिक पहले लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर समेत सूबे के 43 जिलों में दो-दो फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलने की तैयारी है। लखनऊ में प्रदेश का पहला फास्ट चार्जिंग स्टेशन खुल चुका है जबकि बाकी के जिलों में इसी साल के अंत तक इसकी शुरुआत हो जाएगी। प्रदेश में चल रहे इलेक्ट्रिक वाहनों के सामने सबसे बड़ी समस्या चार्जिंग की है। हाल ही में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बेड़े में भी सैकड़ों बैटरी चालित बसें शामिल की गयी हैं।

उत्तर प्रदेश में इस समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या पौने तीन लाख के करीब है। इनमें सबसे अधिक बिक्री दो पहिया की हुयी है। सिर्फ राजधानी लखनऊ में ही आठ हजार दो पहिया और चार पहिया ई वाहन हैं। इनमें पांच हजार बाइक और स्कूटर हैं। वहीं, तीन हजार कार या एसयूवी हैं। इनके अलावा 35 हजार ई रिक्शा भी हैं। साथ ही 140 इलेक्ट्रिक बसें हैं।

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन फास्ट चार्जिंग स्टेशनों पर 50 मिनट में इलेक्ट्रिक कार या एसयूवी चार्ज हो जाएगी। अभी प्रदेश के 43 जिलों में दो-दो स्टेशनों से इसकी शुरुआत हो रही है पर जल्दी इनकी तादाद कम से कम हर जिले में चार कर दी जाएगी। प्रदेश के 43 जिलों में सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी इंडियन आयल के पेट्रोल पंपो पर यह फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। फिलहाल कंपनी अपने ओर से संचालित किए जा रहे पेट्रोल पंपो पर इसकी शुरुआत कर रही है। आने वाले दिनों में अन्य पेट्रोलियम कंपनियां भी इसकी स्थापना करेंगी।

परिवहन अधिकारियों ने बताया कि राजधानी लखनऊ में फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन टाटा के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाया गया है। अब प्रदेश के 42 और जिलों में इसी तरह से चार्जिंग स्टेशन खोलने की तैयारी है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में फिलहाल 120 चार्जिंग स्टेशन हैं, लेकिन इनकी क्षमता सिर्फ आठ किलोवाट है। ऐसे में इन स्टेशनों पर एक कार या एसयूवी चार्ज होने में सात से आठ घंटे लग जाता है। फास्ट चार्जिंग स्टेशनों की क्षमता 25 किलोवाट की होगी। फास्ट चार्जिंग स्टेशन पर वाहन चार्ज के लिए मोबाइल ऐप डाउनलोड करनी होगी। इसके जरिए समय की बुकिंग लेकर वाहनों को चार्ज कराया जा सकेगा।  

Advertisement
First Published - August 24, 2022 | 5:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement