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किसान बनेंगे मिलों के शेयरधारक

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Last Updated- December 11, 2022 | 5:38 PM IST

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ना किसानों को सहकारी चीनी मिलों का शेयरधारक बनाने की शुरुआत की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों के बाद सहकारी चीनी मिलों व गन्ना समितियों के 50 लाख से ज्यादा किसान शेयरधारक बनेंगे। सोमवार को राजधानी लखनऊ में इसकी शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की चीनी मिलें अब से किसानों की भी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार सरकार 50.10 लाख गन्‍ना किसानों को अंशधारक प्रमाण पत्र (शेयर सर्टिफिकेट) दे रही है। सोमवार को राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी ने और प्रदेश के 40 जिला मुख्‍यालयों पर जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने किसानों को शेयर सर्टिफिकेट बांटा। विभागीय व्यवस्था के मुताबिक कोई भी गन्ना किसान 200 रुपये की फीस जमाकर विभाग में शेयर धारक हो सकता है।
योगी सरकार की योजना के मुताबिक प्रदेश के 40 जिलों की 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों और 24 सहकारी चीनी मिल समितियों से आने वाले गन्ना किसानों को प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। ये सभी किसान सहकारी चीनी मिल और सहकारी गन्ना समितियों के शेयर धारक बन गए हैं।
इस मौके पर योगी ने कहा कि पहले यूपी में गन्‍ना माफिया हावी थे और किसानों को मिलों पर पर्ची नहीं मिल पाती थी। आज ऐसा नहीं है। तकनीक के साथ किसानों को जोड़कर एक व्‍यवस्‍था बना दी गई। नई व्यवस्था के तहत पर्ची हो न हो, स्‍मार्ट फोन तो है जिस पर गन्ना खरीदने की सूचना मिल जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना है कि भ्रष्‍टाचार खत्‍म करना है तो तकनीक अपनाओ। गन्‍ना विभाग ने यह तकनीक इसीलिए अपनाई ताकि किसानों को भ्रष्‍टाचार का शिकार न होना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में यदि उत्तर प्रदेश सरकार तकनीक लागू न करती तो चीनी मिलों को चला पाना मुश्किल था।

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First Published - July 11, 2022 | 11:21 PM IST

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