facebookmetapixel
Advertisement
1601 नंबर से आएगी अधिकृत कॉल, TRAI ने ठगी रोकने के लिए बढ़ाया दायरानरसिम्हा राव-मनमोहन से वाजपेयी-मोदी तक: एनके सिंह ने बताया कैसे बदला भारत की आर्थिक स्थिरता का सफरझारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित धांधली पर बवाल, छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्जGen Z तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में RSS, विशाखापत्तनम में होगी अहम बैठकBP India 2030 तक तेल-गैस क्षेत्र में करेगी $4 अरब का निवेश, ‘समुद्र मंथन’ योजना से कंपनी को बड़ी उम्मीदेंBrand Canvas 2026 का ग्रैंड फिनाले 11 अगस्त को बेंगलूरु में, 10 टीमें करेंगी मुकाबलाAI जॉब्स के लिए स्किल गैप की जानकारी नहीं, PMKVY 4.0 में 53,449 ने कराया रजिस्ट्रेशनग्राहकों-छोटे दुकानदारों के लिए UPI रहेगा फ्री, केवल बड़े कारोबारी लेनदेन पर ही MDR लागू करने की तैयारी: FMअमेरिकी टेक यूनिकॉर्न में बढ़ी भारत की हिस्सेदारी, हर 10 में 1 कर्मचारी भारतीयFCNR(B) योजना से बॉन्ड बाजार में आई बहार, 5 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बड़ी गिरावट

दिल्लीः जल प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को राहत

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 2:28 AM IST

दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रदूषण फैलाने का कारण बन रही इकाइयों को थोड़ी सी राहत मिली है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने इन इकाइयों को पहले भेजे इन्हे बंद करने के नोटिस (क्लोज़र नोटिस) से राहत दी है  अब इन इकाइयों को बंद करने के नोटिस  की बजाए कारण बताओ (शो कॉज) नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। 
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यमुना में फैल रहे जल प्रदूषण को देखते हुए डीपीसीसी ने जल प्रदूषण का कारण बन रही दिल्ली की ऐसी जल से संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में जबाव मांगा था, जो यमुना में जल प्रदूषण फैला रही हैं। इसके बाद डीपीसीसी ने जल प्रदूषण का कारक बन रही औद्योगिक इकाइयों की जांच की। दिल्ली में 13 कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से 17 औद्योगिक क्षेत्रों की ऐसी इकाइयां जुड़ी है जिनसे जल अपशिष्ट निकलता है। डीपीसीसी ने इन इकाईयों से निकलने वाले जल के नमूने लेकर जांच की। जिसमें करीब 1100 इकाईयां के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इसलिए डीपीसीसी ने इन इकाइयों को बंद करने के नोटिस भेजे थे। जिसका उद्यमियों ने विरोध किया था और डीपीसीसी से राहत देने की मांग की थी। 
अब डीपीसीसी ने मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली इकाइयों को राहत देते हुए क्लोज़र नोटिस को शो कॉज (कारण बताओ) नोटिस में बदल दिया है। साथ ही डीपीसीसी ने उद्यमियों से कहा है कि इन इकाइयों की अब रेंडमली जांच की जाएगी, जिसमें सीईटीपी से जुड़ी इकाइयों के मानकों पर खरा नहीं उतरने पर उनके खिलाफ बंदी की कार्रवाई की जाएगी। 
पटपड़गंज आंत्रप्रेन्योर एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक संजय गौड़ के कहा कि क्लोज़र नोटिस के शो कॉज नोटिस में तब्दील होने से उद्यमियों को बड़ी राहत है। अब उद्यमियों को गलती सुधारने का भी मौका मिल गया है और उन पर फैक्ट्री बन्द होने का खतरा भी टल गया है।

Advertisement
First Published - July 22, 2021 | 11:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement