facebookmetapixel
Provident Fund से निकासी अब और आसान! जानें कब आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं?Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलानExplainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?SEBI का नया प्रस्ताव: बड़े विदेशी निवेशक अब केवल नेट वैल्यू से कर सकेंगे ट्रेड सेटलMarket This Week: तिमाही नतीजों से मिला सहारा, लेकिन यूएस ट्रेड डील चिंता से दबाव; सेंसेक्स-निफ्टी रहे सपाटIRFC 2.0: रेलवे से बाहर भी कर्ज देने की तैयारी, मेट्रो और रैपिड रेल में 1 लाख करोड़ का अवसरWipro Q3FY26 results: मुनाफा 7% घटकर ₹3,119 करोड़ पर आया, ₹6 के डिविडेंड का किया ऐलानBudget 2026 से क्रिप्टो इंडस्ट्री की बड़ी उम्मीदें! क्या इसको लेकर बदलेंगे रेगुलेशन और मिलेगी टैक्स में राहत?Value Funds: 2025 में रेंज-बाउंड बाजार में भी मजबूत प्रदर्शन, 2026 में बनेंगे रिटर्न किंग?Tiger Global tax case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत की टैक्स ट्रीटी नीति में क्या बदला?

चक्रवात यास बढ़ा झारखंड की तरफ

Last Updated- December 12, 2022 | 4:21 AM IST

चक्रवात यास कमजोर होकर अब झारखंड की तरफ बढ़ रहा है और यहां अलग-अलग आश्रय स्थलों में शरण लिए लोग अपने घरों की तरफ लौटने लगे हैं। हालांकि कोविड-19 के खतरे के बीच इस तूफान की वजह से अपने घरों से बाहर निकलने को विवश लोगों के संक्रमित होने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और जाजपुर जिलों में बड़ी संख्या में लोग बुधवार को ही अपने घरों की तरफ लौटने लगे थे, वहीं कुछ लोग गुरुवार सुबह में लौटे हैं। हालांकि चक्रवात यास ने विध्वंसक रूप नहीं अपनाया था और इसने तटीय और उत्तरी ओडिशा के बड़े इलाकों को व्यापक नुकसान नहीं पहुंचाया। इस तूफान को लेकर जो डर था कि इससे बड़े पैमाने पर क्षति होगी या लोग हताहत हो सकते हैं, वह आशंका सही साबित नहीं हुई और इस तूफान के यहां से गुजरने के बाद लोग आश्रय स्थलों से अपने घरों की तरफ लौटने लगे।
कोविड-19 महामारी को लेकर लागू दिशानिर्देशों को सुनिश्चित करते हुए अधिकारी केंद्रपाड़ा के करीब एक लाख लोगों समेत 6.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बने आश्रय स्थलों पर पहुंचाने में सफल रहे थे। हालांकि लोगों के मन में अपना घर छोड़कर महामारी के बीच कहीं और जाने को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं लेकिन अधिकारी उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने में सफल रहे। केंद्रपाड़ा जिले के तालचुआ के रहने वाले समरेंद्र राउत ने कहा, ‘हम जल्दबाजी में नहीं थे। हम मौसम के बिल्कुल सामान्य होने के बाद आज सुबह लौट आए। चक्रवात आश्रय स्थल में रात व्यतीत करना ज्यदा सुरक्षित था।’

केंद्रपाड़ा जिले में तटीय कंसारा बडाडांडुआ गांव के रहने वाले प्रद्युत गिरि ने कहा कि चक्रवात का अनुभव भले ही हुआ हो लेकिन यह भयानक नहीं था। प्रकृति ने अपना कहर नहीं बरपाया लेकिन फिर भी कल दोपहर में उन्होंने आश्रय स्थल की शरण लेना ही सही समझा था और अब जब तूफान का खतरा नहीं है तो वे घर जाने की योजना बना रहे हैं।    

उत्तरी ओडिशा में भारी बारिश
चक्रवात ‘यास’ के प्रभाव की वजह से उत्तरी ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को यह जानकारी दी। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि क्योंझर के जोड़ा में पिछले 24 घंटे में 268.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मयूरभंज जिले के जशीपुर इलाके में 254.8 मिमी बारिश हुई। केंद्र ने बताया सुंदरगढ़ के लाठीकाटा में 213 मिमी, भद्रक के वासुदेवपुर में 195, जाजपुर के चंडीखोल में 177 मिमी और देवगढ़ में 131 मिमी बारिश हुई। मौसम कार्यालय ने बताया कि अंगुल के पाललहड़ा में 112 मिमी, बालासोर के सोरो में 99 मिमी, संबलपुर के बामरा में 98.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।     भाषा

First Published - May 27, 2021 | 11:31 PM IST

संबंधित पोस्ट