facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

600 मेगावॉट क्षमता वाली फ्लोटिंग सौर परियोजना हेतु अनुबंध हस्ताक्षरित

Last Updated- December 11, 2022 | 5:05 PM IST

600 मेगावॉट उत्पादन क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा पानी पर तैरता (फ्लोटिंग) सौर ऊर्जा संयंत्र मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित होने जा रहा है। परियोजना के पहले चरण में 278 मेगावॉट उत्पादन के लिए गुरुवार को तीन कंपनियों एनएचडीसी लिमिटेड, एएमपी एजर्नी तथा एसजेवीएन  लिमिटेड के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गये।

ये तीनों कंपनियां क्रमश 88 मेगावॉट, 100 मेगावॉट तथा एसजेवीए 90 मेगावॉट बिजली का उत्पादन करेंगी। इस परियोजना से उत्पादित होने वाली बिजली को मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा खरीदा जाएगा। पहले चरण की 278 मेगावॉट क्षमता वाला हिस्सा 2023 में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस परियोजना की स्थापना से करीब 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा तथा प्रदेश में अनुमानत: करीब 3500 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

अनुबंध पर हस्ताक्षर के अवसर  पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस परियोजना के पानी पर स्थापित होने के कारण करीब 1200 हेक्टेयर भूमि का बचाव होगा तथा किसी प्रकार का विस्थापन भी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पानी पर सौर पैनल लगने के कारण पानी का वाष्पीकरण भी नहीं होगा तथा 60 से 70 प्रतिशत पानी की बचत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक मध्य प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 20,000  मेगावॉट पहुंचाने का लक्ष्य है। फिलहाल यह क्षमता 10,000 मेगावॉट से कुछ ही अधिक है।
 
 

First Published - August 4, 2022 | 7:27 PM IST

संबंधित पोस्ट