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लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज औऱ गोरखपुर में कूड़े से बनेगी सीएनजी

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:35 PM IST

देश के सबसे स्मार्ट शहर इंदौर की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश के भी लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज औऱ गोरखपुर में कूड़े से सीएनजी बनेगी। लखनऊ, गाजियाबाद औऱ प्रयागराज में गीले कूड़े से सीएनजी बनाने के लिए कंपनी का चयन हो गया है जबकि जल्दी ही गोरखपुर में भी परियोजना पर काम शुरू होगा। सीएनजी प्लांट से जैविक खाद भी बनेगी जिसका इस्तेमाल गंगा व यमुना के किनारे की जमीन पर खेती में किया जाएगा। सीएनजी प्लांट निजी सार्वजिनक सहभागिता (पीपीपी) के आधार पर लगाए जाएंगे।

 
इन सभी शहरों में गीले कूड़े से सीएनजी बनाने के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। स्वच्छ भारत मिशन उत्तर प्रदेश ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। सभी शहरों में कूड़े से हर रोज 34000 किलो सीएनजी बनाई जाएगी जो कि नगर निकायों को बाजार भाव से कम कीमत पर मिलेगी। सीएनजी बनाने में रोजाना 1000 टन कचरा इस्तेमाल किया जाएगा। लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज नगर निगम इस कचरे को सीएनजी बनाने वाली कंपनी को उपलब्ध कराएंगे।

नगर विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कूड़े से सीएनजी बनने वाले प्लांट के लग जाने के बाद निस्तारण प्लांट पर लोड कम होगा। हर साल इन शहरो मे करीब 3.65 लाख टन कूड़ निस्तारण प्लांट में जाने से बचेगा। सीएनजी बनाने के लिए नगर निगम घरों से एकत्र होने वाले गीले कचरे को देगा।

कूड़े से सीएनजी बनाने के लिए नगर निगम संबंधित कंपनी को जमीन उपलब्ध कराएगी। लखनऊ व गाजियाबाद में एवर इनवायरो रिसोर्स मैनेजमेंट को तो प्रायगराज में इंडो इनवायरों इंटीग्रेटेड सोल्यूशन को चयनित किया गया है। इन कंपनियों को संबंधित नगर निगमों ने एक रुपये सालाना के सांकेतिक शुल्क पर लीज पर जमीन उपलब्ध कराएगी। प्लांट लगाने का खर्च चयनित कंपनी उठाएगी जबकि गाजियाबाद व लखनऊ नगर निगम इसके लिए 12-12 एकड़ जमीन शहर के बाहरी हिस्से में देंगे। प्रयागराज व गोरखपुर में सीएनजी प्लांट लगाने के लिए 10-10 एकड़ जमीन दी जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि सीएनजी बनाने वाली कंपनी नगर निगमों को रायल्टी भी देगी। यह रायल्टी सीएनजी को बाजार में बेंचने के एवज में दी जाएगी। लखनऊ व गाजियाबाद नगर निगम को चयनित कंपनी 74 लाख रुपये प्रत्येक के हिसाब से रायल्टी देगी जबकि प्रयागराज नगर निगम को 56 लाख रुपये सालाना मिलेंगे। सबसे ज्यादा लखनऊ व गाजियाबाद 300 टन प्रतिदिन गीला कचरा सीएनजी बनाने के लिए उपलब्ध कराएंगे जबकि प्रयागराज नगर निगम 200 टन कचरा देगा। इन सीएनजी प्लांटों के जरिए से 3000 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सीएनजी प्लांट से जैविक खाद भी बनेगी जिसका इस्तेमाल गंगा व अन्य नदियों के किनारे खेती के लिए किया जाएगा।
 

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First Published - October 18, 2022 | 7:23 PM IST

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