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केंद्र ने 15 बागियों को दी ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा

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Last Updated- December 11, 2022 | 6:00 PM IST

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के बीच जारी सत्ता संघर्ष रविवार को और बढ़ गया। पार्टी के सांसद संजय राउत ने बागी विधायकों को विधानसभा की सदस्यता त्याग कर चुनाव लड़ने की चुनौती दी। इस बीच, पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने रविवार को शिवसेना के कम से कम 15 बागी विधायकों को सीआरपीएफ जवानों से लैस ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की। अधिकारियों ने बताया कि जिन विधायकों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है, उनमें रमेश बोर्नारे, मंगेश कुदलकर, संजय शिरसाठ, लताबाई सोनवणे, प्रकाश सुर्वे और 10 अन्य विधायक शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, महाराष्ट्र में रह रहे इन विधायकों के परिवारों को भी सुरक्षा प्रदान की जाएगी, क्योंकि सुरक्षा घेरे के अंतर्गत गृह सुरक्षा दल भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गृह मंत्रालय से की गई एक सिफारिश के बाद विधायकों को ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सीआरपीएफ सुरक्षा प्रदान करने की मंजूरी दी गई है।
इस बीच शिवसेना के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुंबई में लगातार दूसरे दिन शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बागी विधायकों के लिए राज्य और पार्टी के द्वार बंद हो गए हैं। शिवसेना के अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य (30) ने कहा, ‘दोबारा चुनाव लड़िए, हम आपको हराकर दिखाएंगे।’
राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री आदित्य ने कहा, ‘जब ये विधायक राज्य विधानसभा में आएं, तो हमारी आंखों में आंखें डालने की हिम्मत दिखाएं और हमें बताएं कि हमने उनके लिए क्या नहीं किया है। इन लोगों की महत्त्वाकांक्षा कभी खत्म नहीं होने वाली है।’ आदित्य ने कहा कि सभी विधायकों को पर्याप्त विकास निधि उपलब्ध कराई गई । ठाकरे ने कहा कि शिवसेना आम लोगों की आवाज बन गई है। उन्होंने कहा, ‘शिवसेना में एकनाथ शिंदे के लिए बहुत सम्मान था। मई में उनसे पूछा भी गया था कि क्या वह मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं … मुझे उन पर दया आती है, मैं आक्रोशित नहीं हूं। वह बगावत करके सूरत और फिर गुवाहाटी भागने के बजाय ठाणे या मुंबई में रहकर अपनी महत्त्वाकांक्षाएं जाहिर कर सकते थे।’
इससे पहले शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बागी विधायकों को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि मुंबई हवाईअड्डे से विधान भवन तक जाने वाली सड़क वर्ली से होकर गुजरती है। मुंबई का वर्ली इलाका पारंपरिक रूप से शिवसेना का गढ़ रहा है, जहां से आदित्य ठाकरे विधायक हैं। विद्रोही समूह ने कहा है कि उसे विधायक दल में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त है और वह सदन में अपना संख्या बल साबित करेगा। असंतुष्टों ने अपने समूह का नाम ‘शिवसेना (बालासाहेब)’ रखा है। आदित्य ने अपने संबोधन में कहा था, ‘हवाईअड्डे से विधान भवन तक का रास्ता वर्ली से होकर गुजरता है। अच्छा हुआ कि बागी (शिवसेना से) चले गए। पार्टी में विद्रोहियों के लिए कोई जगह नहीं है।’
वहीं, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने रविवार को पार्टी के नेताओं, कांग्रेस के मंत्रियों बालासाहेब थोरात व अशोक चव्हाण और शिवसेना के अनिल परब तथा अनिल देसाई से मुलाकात की और छह दिन पहले हुई बगावत के राजनीतिक परिणामों पर चर्चा की।
एकनाथ शिंदे अयोग्यता नोटिस के खिलाफ न्यायालय पहुंचे
महाराष्ट्र विधानसभा उपाध्यक्ष द्वारा शिवसेना के 16 बागी विधायकों को भेजे गए अयोग्यता नोटिस के खिलाफ मंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला के अवकाशकालीन पीठ सोमवार को शिंदे की याचिका पर सुनवाई कर सकती है। बागी विधायकों ने राज्य की महा विकास आघाड़ी गठबंधन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिससे सरकार गिरने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

मुंबई पहुंचने की जानकारी नहीं : पुलिस
मुंबई पुलिस को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि शिवसेना के बागी विधायक असम के गुवाहाटी से मुंबई कब पहुंचेंगे, लेकिन हवाई अड्डों को अलर्ट करने सहित विभिन्न तैयारियां जारी हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।    

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First Published - June 27, 2022 | 1:05 AM IST

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