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दिल्ली : प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए शीतकालीन कार्य योजना की घोषणा

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Last Updated- December 11, 2022 | 2:31 PM IST

दिल्ली सरकार ने आज सर्दियों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 15 सूत्रीय शीतकालीन कार्य योजना की घोषणा की है। जिसमें धूल व कूड़ा जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही पराली, वाहन,उद्योग, पटाखे आदि से होने प्रदूषण भी पर अंकुश लगाने के उपाय किए गए हैं। प्रदूषण के रियल टाइम कारणों का पता लगाने के लिए  आईआईटी कानपुर के साथ किए गए करार के 20 अक्टूबर से डेटा आने की संभावना है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने बीते वर्षों में प्रदूषण को कम करने के लिए काफी कदम उठाए थे। जिससे दिल्ली में प्रदूषण में कमी आई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम 10 बीते चार साल में 18.6 फीसदी नीचे आया है।
 
केजरीवाल ने आज इस साल सर्दियों में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 15 सूत्रीय कार्य योजना का ऐलान भी किया। पराली से प्रदूषण पर अंकुश के लिए पूसा ने बायो डी कंपोजर तैयार किया है। इसका प्रयोग तीन साल से कर रहे है। इस बार इसे 5,000 एकड़ में करेंगे। बीते साल 4,000 एकड़ प्रयोग किया था।
 
धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में आगामी 6 अक्तूबर से एंटी डस्ट अभियान चलाया है। अब 500 वर्ग मीटर से बडे निर्माण स्थल की निगरानी की जाएगी। इसके लिए 586 टीमों का गठन किया है। 5000 वर्ग मीटर से अधिक निर्माण स्थल पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य होगा। इसके लिए 233 टीम का गठन किया गया है।
 
इसके अलावा सड़कों के किनारे धूल से प्रदूषण कम करने के लिए 80 रोड स्वीपिंग और 521 मशीन पानी का छिड़काव करने के लिए लगाई जा रही है। 150 मोबाइल एंटी स्मॉग गन लगाए जा रहे हैं। पूरी दिल्ली में 233 एंटी स्मॉग गन लगेंगे। वाहनों के पीयूसी की जांच सख्त की जाएगी। 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 80 टीम बनाई गई है। दिल्ली की 230 सड़कें है जहां पर ज्यादा भीड़ होती है वहां भीड़ कम करने के लिए डी कंजेस्ट प्लान तैयार किया है।
 
सर्दियों में कूड़ा जलाने से काफी प्रदूषण बढ़ता है। खुले में कूड़ा जलाने से रोकने के लिए 611 टीम तैनात की गई है। उद्योग प्रदूषित ईंधन से प्रदूषण रहित पीएनजी ईंधन में बदल चुके हैं।  फिर भी ऐसा हो सकता है कि कोई यूनिट रह गई हो तो उसके लिए 33 टीम तैनात की गई है। इस साल पटाखों की आफलाइन के साथ ही ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। इसकी निगरानी के लिए 210 टीम तैनात की गई है।
 

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि रियल टाइम निगरानी के लिए आईआईटी कानपुर के साथ करार किया है। जिससे हमें रियल टाइम पता चलेगा कि प्रदूषण के क्या कारण है। राउज एवेन्यू रोड पर एक सुपर साइट बनाई गई है। 20 अक्तूबर से पहला डाटा आना शुरू होगा। प्रदूषण का पूर्वानुमान भी जारी होगा। अब तक 3500 से अधिक पर्यावरण मित्र पंजीयन कराने चुके हैं। ई-वेस्ट से होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए 20 एकड़ में होलंबी कला में पार्क बनाया जा रहा है। सारा कचरा इसी पार्क में जाएंगा और वहीं उसका निस्तारण किया जाएगा।
 
हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए इस साल 42 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा था। पहले चरण में 33 लाख लगा चुके है। प्रदूषण की 24 घंटे निगरानी के लिए ग्रीन वार रूम बनाया जा रहा है। यह 3 अक्टूबर से चालू होगा और इसमें कुल 9 सदस्य होंगे। जो लगातार पर्यावरण प्रदूषण का आकलन करेंगे। दिल्ली में 13 हॉटस्पॉट की पहचान की गई है। वहां कड़ी नजर रखी जाएगी। उसके लिए टीमें तैनात होगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग संशोधित संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) को एक अक्टूबर से सख्ती से लागू किया जाएगा। इसमें वायु गुणवत्ता का दिन का पूर्वानुमान किया जाएगा।

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First Published - September 30, 2022 | 9:08 PM IST

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