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यूपी में 25 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:48 PM IST

उत्तर प्रदेश में चार दिनों से जारी लगातार बारिश से जहां बुधवार को कुछ राहत मिली है तो नेपाल के बांधों से छोड़े गए पानी ने कई जिलों में कहर मचाना शुरू कर दिया है।

खुद प्रदेश सरकार ने माना है कि  वर्तमान में 15 जिलों में 1500 से अधिक गांवों की लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। मुख्यमंत्री ने इन सभी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआऱएफ व एसडीआरएफ की टीमें तैनात करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में इस समय राप्ती और सरयू (घाघरा) खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

राजधानी लखनऊ के पड़ोसी जिले सीतापुर में नेपाल से छोड़े गए पानी ने तबाही मचा दी है। यहां सैकड़ों गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया है और हजारों की आबादी इसकी चपेट में आ गयी है।  जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सीतापुर जिले के रेउसा, रामपुर मथुरा समेत कई इलाके में बाढ़ का कहर दिख रहा है। वहीं बरेली में रामगंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ का एलर्ट जारी कर दिया है। रामगंगा से सटे बरेली के 154 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

उधर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को तराई क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया और राहत कार्यों के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। प्रदेश सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंत्री समूहों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पहुंचने के निर्देश भी दिए हैं।

बुधवार को बाढ़ से उपजे हालात की समीक्षा की लिए बुलायी गयी उच्च स्तरीय बैठ में उन्होंने कहा कि जिलों में कंट्रोल रुम को 24×7 एक्टिव किया जाए और प्रभावित लोगों को तत्काल मदद मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल नुकसान का आकलन जल्द किया जाए और  हर प्रभावित किसान को मदद पहुंचायी जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में राजस्व और कृषि विभाग की टीम गहन सर्वेक्षण करते हुए नुकसान का आकलन करे। ताकि किसानों को  क्षतिपूर्ति की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत कुछ दिनों में अत्यधिक बरसात से जनजीवन, पशुधन और खेती-किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिला है। कई जनपदों में जन-धन हानि की सूचना मिली है।  अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली गिरने, सर्पदंश और  डूबने से हुई जनहानि पर दुःख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल वितरित किए जाने तथा घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए। 
 

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First Published - October 12, 2022 | 5:12 PM IST

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