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मोटी कमाई का दूसरा नाम बनते ब्लॉग्स

Last Updated- December 10, 2022 | 5:31 PM IST

‘क्या हम जल्द ही ब्लॉगों से त्रस्त हो जाएंगे?… वैसे फिलहाल के लिए तो अलविदा साइबरस्पेस, खुशामदीद ब्लॉगोस्फेयर।’


पता है यह पोस्ट ब्रैड एल. ग्राहम ने अपने ब्लॉग पर कब लिखा था? 10 सितंबर, 1999 को। जी हां, यह पोस्ट तब लिखा गया था, जब इंटरनेट पर केवल एक्का-दुक्का ब्लॉग ही मौजूद थे। आज की तारीख में तो ब्लॉग सर्च इंजन ‘टेक्नोराती’ के मुताबिक इस वक्त साइबरस्पेस में 11.2 करोड़ ब्लॉग मौजूद हैं।


ब्लॉग्स की इस दु्निया में हर दिन एक लाख 75 हजार नए नाम हर दिन जुड़ रहे हैं।  इस संस्था के मुताबिक आज तो ब्लॉग्स की दुनिया में हर किस्म के मुद्दे पर हर दिन 16 लाख विचार पोस्ट किए जाते हैं। विचारों और उन पर होने वाली बहस की इस अनोखी दुनिया को टेक्नोराती ने वर्ल्ड लाइव वेब का नाम दिया है।


जबरदस्त ताकत


विचारों के आदान-प्रदान और लोगों की सोच को प्रभावित करने की ब्लॉग्स की जबरदस्त ताकत को देखते हुए इनका इस्तेमाल न केवल पब्लिसिटी और ब्रांड प्रमोशन के लिए किया जाता है, बल्कि अब तो ये एड वर्ल्ड में भी अपनी धाक जमा चुके हैं। इससे ब्लॉगरों को भी अपनी हॉबी के जरिये मोटी कमाई का जरिया मिल गया है।


इस वक्त तो कई ब्लॉगरों ने अपनी नौकरियों को छोड़कर इसे अपना व्यवसाय भी बना लिया है। ऐसे लोगों की तादाद भी अब अच्छी-खासी हो चुकी है।ऐसे ही एक ब्लॉगर हैं अमित अग्रवाल।


आईआईटी से कंप्यूटर इंजिनियरिंग में डिग्री लेने के बाद इस शख्स को एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी-खासी नौकरी मिल गई थी, लेकिन पांच साल के बाद ही उन्होंने नौकरी को लात मार कर दी। उन्होंने 2004 में टेक्नोलॉजी पर एक ब्लॉग शुरू किया और फिर अमित ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।


अमित की ख्वाहिश एक फ्रीलांसर बनाने की थी और इसके लिए उन्हें ब्लॉग एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म लगा। उनके मुताबिक ब्लॉग से उन्हें उम्मीद थी कि उनके पास कुछ अच्छे ऑफर आएंगे। लेकिन वो कहते हैं कि ऊपर वाला जब भी देता है, छप्पर फाड़कर देता है।


अच्छी कमाई


अमित कहते हैं कि, ‘मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि इससे मुझे इतनी इनकम होगी। मैं तो कुछ फ्रीलांस प्रोजेक्ट पाना चाहता था। इसलिए मैंने यह ब्लॉग बनाया था, ताकि मेरे क्लाइंट मुझ तक पहुंच पाएं॥’ कंप्यूटर्स और पसर्नल टेक्नोलॉजी पर उनके ब्लॉग से अमित को ज्यादा नहीं, बहुत ज्यादा फायदा हुआ। ब्लॉगिंग की इस दुनिया से अमित को आज उतनी कमाई होती है, जितनी की उम्मीद वह अपनी नौकरी से कभी नहीं कर सकते।


वैसे, उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें इससे कितनी की कमाई होती है। उन्होंने इतना जरूर बताया कि इस ब्लॉग से उनकी कमाई लाखों डॉलर में होती है। उनके ब्लॉग पर मौजूद उन्हीं के एक पोस्ट से इतना तो जरूर पता चलता है कि कुछ दिनों पहले तक उन्हें गूगल एडसेंस से हर दिन 1000 डॉलर (40 हजार रुपये) की आमदनी होती थी। यह कमाई तो तब थी, जब उनके ब्लॉग पर हर महीने 12.5 लाख लोग आते थे। आज उनके ब्लॉग पर हर माह 20 लाख लोग आते हैं।


कड़ी मेहनत


वैसे, इस मोटी कमाई के लिए अमित अग्रवाल को काफी मेहनत भी करनी पड़ती है। अमित अपने ब्लॉग पर हर दिन 10-14 घंटे बीताते हैं। हालांकि, दिल्ली स्थित एक ब्लॉगर, पीसी इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते।


अपना नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर इस ब्लॉगर ने बताया कि उन्हें अपने ब्लॉग पर हर दिन केवल कुछेक घंटे ही बीताने पड़ते हैं, फिर भी उनके ब्लॉग पर हर दिन 3.5 लाख लोग आते हैं। पीसी अपने ब्लॉग पर कंप्यूटिंग के टिप्स देते हैं। साथ में, यह भी बताते हैं कि आप ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमा सकते हैं। उन्होंने भी अपनी शुरुआत एक फ्रीब्लॉगर के रूप में की थी। लेकिन लोगों से काफी ज्यादा रिस्पॉन्स मिलने के कारण उन्होंने अब तो अपना वेबसाइट लॉन्च कर दिया है।


तकनीकी समझ


हालांकि, आज भारत के सफल ब्लॉगरों मे सें ज्यादातर को तकनीक की अच्छी खासी समझ है, लेकिन एक ब्लॉगर बनाने के लिए आपको ज्यादा तकनीकी ज्ञान की जरूरत नही है। आपको जरूरत पड़ेगी तो बस एक कंप्यूटर, एक इंटरनेट कनेक्शन और थोड़ी-बहुत तकनीकी ज्ञान की।


ब्लॉग बनाने में भी आपको ‘ब्लॉगर’ और ‘वर्डप्रेस’ जैसे वेबसाइटों पर तो कुछ ही मिनट लगेंगे। आप ज्यादा स्पेस चाहते हैं तो केवल दो-तीन हजार रुपए चुकाकर एक वेबसाइट खरीद सकते हैं। या फिर आप ज्यादा सजा-सवंरा ब्लॉग चाहते हैं तो आपको खर्च करने होंगे 10 से 15 हजार रुपए। लेकिन लोगों को लुभाने के लिए आपको करनी पड़ेगी कड़ी मेहनत और जरूरत पड़ेगी धैर्य की।


जरूरत है धैर्य की


अमित कहते हैं,’एक कामयाब ब्लॉग बनाने के लिए आपको काफी धैर्य रखना पड़ेगा और हर रोच कुछ न कुछ नया और ऑरिजल लोगों के साथ शेयर करना पड़ेगा। यही इसकी साथ सबसे बड़ी मुसीबत है।’ पीसी के मुताबिक आपको कुछ अच्छा और नया तभी सोच पाएंगे, जब आप आपने ब्लॉग के लिए के लिए दीवाने होंगे।


एक दूसरे कामयाब ब्लॉगर, आशीष सिन्हा का कहना है कि, ‘आपको सबसे पहले तो अपने पसंदीदा क्षेत्र के बारे में अपडेट रहना पड़ेगा, तभी आप ब्लॉग पर कुछ अच्छा और नया सोच पाएंगे। अगर आप अच्छा लिखते हैं और लोग उसे पसंद करते हैं तो पैसे तो खुद-ब-खुद आपके पास आएंगे।’ आईआईटी और आईआईएम से पढे इस शख्स के ब्लॉग प्लग्ड.इन पर हर दिन हजारों लोग आते हैं।


वैसे, बॉलीवुड पर ब्लॉग लिखने वाली साक्षी जुनेजा का कहना है,’अगर सिर्फ पैसे कमाने के लिए ब्लॉग लिखना चाहते हैं, तो आपको यहां काफी निराशा मिलेगी। यह तो एक हॉबी है, इसके पैसे मिलना तो एक दूसरी चीज है।’


रिस्की बिजनेस


कई ब्लॉगर तो एक ही ब्लॉग के साथ जुड़े रहते हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जो गर्म मुद्दों पर ब्लॉग बनाते हैं। फिर जब वह मुद्दा ठंडा पड़ जाता है, तो दूसरे मुद्दे पर ब्लॉग बना लेते हैं। ऐसे ही एक ब्लॉगर हैं एकलव्य भट्टाचार्य। उन्होंने ट्वंटी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप पर एक ब्लॉग शुरू किया था, वर्ल्डकपट्वंटी20.कॉम।


उन्होंने उससे 15 दिनों में 75 हजार रुपए कमा लिए थे। अब वह आईपीएल पर एक ब्लॉग बना रहे हैं। साथ ही, कई और मुद्दों पर ब्लॉग बनाने में जुटे हुए हैं। अब तो यह ब्लॉगर कई लोगों को अपना ब्लॉग देखने के लिए नौकरी भी दे रहे हैं। वैसे भारत में ऐसे लोगों की तादाद काफी कम है। वैसे, ब्लॉगिंग को अपना पेशा बनाने के कई फायदे हैं।


अमित बताते हैं,’पहले तो आप अपने बॉस खुद रहेंगे। आप काम का समय खुद तय कर सकते हैं। और तो और, आप जिन चीजों के बारे में सोचते हैं, उनके बारे में खुलकर लिख सकते हैं। यह अपनी शगल के लिए पैसे कमाने के जैसा है। लेकिन यह भी जरूर ध्यान में रखें कि ब्लॉगिंग का धंधा रिस्की है। इसलिए आपके पास दूसरे विकल्प भी होने चाहिए। अब मुझी को ले लीजिए। मान लीजिए, अगर मेरा ब्लॉगिंग का धंधा चौपट हो जाए, तो मैं कम से कम अपनी पुरानी नौकरी की तरफ तो लौट सकता हूं।’


विज्ञापन का नया फंडा ऐडसेंस


इस वक्त साइबर स्पेस में कई ऐड नेटवर्क्स हैं। इनमें याहू! और पब्लिशर नेटवर्क के नाम खास तौर पर लिए जाते हैं। लेकिन इनमें से कोई भी गूगल के ऐडसेंस की बराबरी नहीं कर सकता। यह एक तरह का प्रोग्राम है, जिसे ब्लॉगर या वेबसाइटों के मालिक अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर डाल देते हैं।


इससे गूगल को उस वेबसाइट या ब्लॉग के कंटेट का विश्लेषण करने और उस आधार पर विज्ञापन को डिस्प्ले देने में मदद मिलती है। जब उस विज्ञापन पर क्लिक किया जाता है, तो एक निश्चित रकम उस वेबसाइट या ब्लॉग के मालिक के खाते में डाल दी जाती है। यह रकम विज्ञापनदाता तय करता है। अगर किसी वेबसाइट या ब्लॉग पर हर माह करीब तीन लाख लोग आते हैं, तो उसकी अनुमानित कमाई 15 से 30 हजार रुपये के बीच होती है।

First Published - April 9, 2008 | 12:24 AM IST

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