facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

पीएम स्वनिधि योजना के तहत PM मोदी ने 1 लाख रेहड़ी-पटरी वाले लोगों को बांटे लोन, जानिये क्या है योजना? किसे, कैसे मिलता है लाभ

पीएम मोदी ने कहा कि PM SVANidhi scheme के तहत 62 लाख से ज्यादा लोगों को लगभग 11,000 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है।

Last Updated- March 14, 2024 | 8:24 PM IST
Under PM SVANidhi scheme, PM Modi distributed loans to 1 lakh street vendors, know what is the scheme? Who gets the benefits and how? PM SVANidhi scheme के तहत PM मोदी ने 1 लाख रेहड़ी-पटरी वाले लोगों को बांटे लोन, जानिये क्या है योजना? किसे, कैसे मिलता है लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 14 मार्च को रेहड़ी-पटरी पर रहने वाले कारोबारियों (street vendors) को 1 लाख रुपये के लोन बांटे, जिसमें 5,000 कारोबारी दिल्ली के हैं। उन्होंने यह लोन पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi scheme) के तहत बांटे और साथ ही साथ इस योजना के तहत लाभार्थियों से बातचीत भी की।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा, ‘पिछली सरकारों को रेहड़ी-पटरी वालों की कभी चिंता नहीं थी, उन्हें अपमान सहना पड़ा, बैंक से लोन नहीं मिल सका। मैंने सुनिश्चित किया कि रेहड़ी-पटरी वालों को ‘मोदी की गारंटी’ पर बैंक लोन मिले और स्वनिधि योजना के तहत लाखों परिवारों को इससे काफी मदद मिली।

उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार दिल्ली में गरीबों, मध्यम वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है।’

अब तक इस योजना के तहत 87 लाख से ज्यादा लोगों को 10,978 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन दिया जा चुका है। इनमें से 62 लाख से ज्यादा लोग रेहड़ी-पटरी पर काम करने वालों में हैं। पीएम मोदी ने इसे लेकर कहा कि 62 लाख से ज्यादा लोगों को लगभग 11,000 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है।

‘पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना’ के लाभार्थियों की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि उनकी विचारधारा लोगों के कल्याण के जरिए देश का कल्याण सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

क्या है पीएम स्वनिधि योजना?

बता दें कि यह योजना केंद्र सरकार की तरफ से कोविड महामारी के दौरान 1 जून 2020 को लाई गई थी। इसका उद्देश्य उन कारोबारियों की मदद करना था, जो कि रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले लोग थे और उन्हें पैसे कमाने में महामारी के चलते लॉकडाउन की वजह से दिक्कत हो रही थी।

इस योजना के तहत सरकार ऐसे कारोबारियों को अपना बिजनेस फिर से शुरू करने के लिए तीन किश्तों में लोन देती है। पहली बार में 10 हजार रुपये का लोन, दूसरी बार में 20 हजार रुपये का लोन औऱ तीसरी बार में 50 हजार तक का लोन बैंक की तरफ से दिया जाता है।

सरकार इस योजना के तहत लिए गए लोन पर 7 फीसदी की सब्सिडी देती है। इसका मतलब यह है कि आपको बैंक जिस ब्याज दर पर लोन दे रहा है, उसमें से 7 फीसदी का ब्याज सरकार की तरफ से अदा किया जाएगा। साधारण भाषा में कहें तो सरकार 7 फीसदी का लोन माफ कर देती है। यह रकम सरकार की तरफ से आपके अकाउंट में सीधे हर तीन महीने में ट्रांसफर कर दी जाती है।

कैसे करना होगा अप्लाई? क्या है पात्रता?

अगर आप भी पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपने नजदीक के बैंक जाना होगा। वहां से सारी जानकारी आपको मिल जाएगी। इसके अलावा, सूक्ष्म वित्त संस्थाएं भी लोन दे सकती हैं। ऐसे में आपको वहां जाना होगा और वहां मौजूद एजेंट आपको आवेदन करने और मोबाइल या वेब पोर्टल पर डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने में मदद करेंगे।

पात्रता की बात की जाए तो जरूरी यह है कि जो भी वेंडर अप्लाई कर रहे हैं, वो 24 मार्च, 2020 या उससे पहले उस शहर में फेरी का काम कर रहे हों।

जरूरी डॉक्यूमेंट

जरूरी डॉक्यूमेंट के तौर पर आवेदक को आधार कार्ड, मतदाता प्रमाण पत्र (वोटर आईडी), ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा कार्ड या पैन कार्ड में से किसी भी आईडी की जरूरत पड़ सकती है।

First Published - March 14, 2024 | 8:24 PM IST

संबंधित पोस्ट