facebookmetapixel
Q3 Results: Sun Pharma से लेकर GAIL और IDFC first bank तक, आज 72 से ज्यादा कंपनियों के नतीजेBudget Day Stock: मार्केट एक्सपर्ट ने बताया बजट डे के लिए मल्टीबैगर PSU स्टॉक, चेक कर लें टारगेट प्राइसBudget 2026: कब और कहां देखें निर्मला सीतारमण का भाषण, डेट और लाइव स्ट्रीमिंग की पूरी जानकारीबुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 18.3% का इजाफा, बजट बढ़कर ₹35.1 लाख करोड़ पहुंचामॉनसून पर मंडराया अल नीनो का साया: स्काईमेट ने जताई 2026 में सूखे और कम बारिश की गंभीर आशंकाPDS में अनाज की हेराफेरी पर लगेगा अंकुश, सरकार लाएगी डिजिटल ई-रुपी वाउचरIndia- EU FTA से 5 साल में यूरोप को निर्यात होगा दोगुना, 150 अरब डॉलर तक पहुंचेगा व्यापार: पीयूष गोयलMoody’s का दावा: यूरोपीय संघ के साथ समझौता भारत को देगा बड़ा बाजार, अमेरिकी टैरिफ से मिलेगी सुरक्षाRBI का नया कीर्तिमान: स्वर्ण भंडार और डॉलर में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा भंडार सर्वकालिक उच्च स्तर परBPCL की वेनेजुएला से बड़ी मांग: कच्चे तेल पर मांगी 12 डॉलर की छूट, रिफाइनिंग चुनौतियों पर है नजर

ITR Refund Status: अभी तक नहीं आया ITR रिफंड? ऐसे करें चेक और जानें कहां फंसा है

ITR रिफंड की देरी की वजहों को बताने और टैक्सपेयर्स को स्टेटस चेक करनेके लिए इनकम टैक्स डिपार्मेंट द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं

Last Updated- November 25, 2025 | 6:41 PM IST
Income Tax return
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

हर साल की भांति इस साल भी करोड़ों टैक्सपेयर ITR फाइल कर चुके हैं। इसमें से अधिकतर टैक्सपेयर्स का रिफंड उनके खाते में आ चुका है, लेकिन अभी भी लाखों लोग हैं जो दिन-रात अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। पैसा कब आएगा, कहां अटका है, बैंक डिटेल सही हैं या नहीं, ऐसे सवाल टैक्सपेयर्स के मन में चलते रहते हैं।

इस बार तो काफी लोगों को रिफंड मिलने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है, इसलिए स्टेटस चेक करना और भी जरूरी हो गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इसके लिए दो आसान तरीके दिए हैं। पहला है इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल और NSDL (TIN) का रिफंड स्टेटस पेज और दूसरी NSDL (TIN) की रिफंड स्टेटस वाली साइट। दोनों जगह सिर्फ आपका PAN की मदद से आप पता लगा सकते हैं। कई बार छोटी-सी गलती, जैसे गलत IFSC कोड, बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट न होना या PAN–आधार लिंक न होना रिफंड को हफ्तों पीछे धकेल देता है।

रिफंड स्टेटस चेक करना क्यों जरूरी है?

इस बार बहुत से लोगों ने देखा है कि रिफंड आने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि रिफंड तभी जारी होता है जब रिटर्न सफलतापूर्वक ई-वेरिफाई हो जाए और उसका प्रोसेसिंग पूरा हो जाए। देरी ज्यादातर बैंक डिटेल में गड़बड़ी, वेरिफिकेशन पूरा न होने या रिटर्न में कोई तकनीकी दिक्कत की वजह से होती है। अगर आप नियमित स्टेटस चेक करते रहें तो जल्दी पता चल जाता है कि कहां दिक्कत है।

इनकम टैक्स रिफंड किसे मिलता है?

अगर आपने TDS, एडवांस टैक्स या सेल्फ असेसमेंट टैक्स के जरिए जो टैक्स पहले जमा किया है, वो आपकी असली टैक्स लायबिलिटी से ज्यादा है (यानी डिडक्शन और छूट लगाने के बाद कम टैक्स बनता है), तो जो अतिरिक्त पैसा जमा हुआ है, वही रिफंड के रूप में वापस मिलता है।

Also Read: टैक्स सिस्टम में होगा ऐतिहासिक बदलाव! नए इनकम टैक्स कानून के तहत ITR फॉर्म जनवरी से होंगे लागू

इनकम टैक्स पोर्टल पर रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?

इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर ये आसान स्टेप्स फॉलो करें:

  1. ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: www.incometax.gov.in
  2. अपने PAN, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें।
  3. होम पेज पर e-File → Income Tax Returns → View Filed Returns पर क्लिक करें।
  4. यहां आपको साल दर साल फाइल किए गए रिटर्न की लिस्ट दिखेगी और हर असेसमेंट ईयर का रिफंड स्टेटस भी साथ में दिखेगा।

NSDL (TIN) वेबसाइट पर रिफंड स्टेटस कैसे देखें?

  1. TIN-NSDL की रिफंड स्टेटस वाली वेबसाइट खोलें।
  2. अपना PAN डालें और जिस असेसमेंट ईयर का स्टेटस देखना है, उसे चुनें।
  3. Proceed बटन दबाएं, तुरंत मौजूदा रिफंड स्टेटस दिख जाएगा।

रिफंड आने में कितना समय लगता है?

ई-वेरिफिकेशन हो जाने के बाद आमतौर पर 4-5 हफ्ते में रिफंड बैंक खाते में क्रेडिट हो जाता है। अगर इस समय सीमा के अंदर पैसे नहीं आए तो डिपार्टमेंट सलाह देता है कि बैंक डिटेल, IFSC कोड, PAN-आधार लिंकेज और बैंक अकाउंट में नाम की मैचिंग एक बार जरूर चेक कर लें।

क्यों रिफंड में होती है देरी?

  • बैंक अकाउंट को पहले से प्री-वैलिडेट नहीं किया गया (रिफंड के लिए जरूरी है) ITR में बंद या इनएक्टिव बैंक अकाउंट डाला गया हो
  • IFSC कोड गलत हो
  • PAN और बैंक अकाउंट में नाम में अंतर हो
  • PAN को आधार से लिंक नहीं किया गया हो

ITR के अलग-अलग स्टेटस का मतलब क्या है?

  • Submitted and pending for e-verification: रिटर्न फाइल हो गया लेकिन वेरिफाई नहीं हुआ।
  • Successfully e-verified: वेरिफिकेशन हो गया, लेकिन अभी प्रोसेसिंग बाकी है।
  • Processed: रिटर्न की जांच पूरी हो चुकी है।
  • Defective: कुछ जानकारी गायब या गलत है; ऐसे में सेक्शन 139(9) के तहत नोटिस आता है।
  • Transferred to assessing officer: केस आगे की जांच के लिए लोकल असेसिंग ऑफिसर को भेज दिया गया है।

First Published - November 25, 2025 | 6:32 PM IST

संबंधित पोस्ट