facebookmetapixel
Advertisement
महंगा कच्चा माल… फिर भी रिकॉर्ड कमाई! आखिर कंपनियां कर क्या रही हैं?Gold, Silver Price Today: सोना ₹757 चढ़ा, चांदी ₹2266 चमकी; क्रूड की नरमी ने दिया सपोर्टएक के बाद एक संकट झेलने वाली Gopal Snacks की वापसी? ब्रोकरेज को दिखी 64% तेजीजुलाई में IPO की बरसात, ₹9,275 करोड़ का Manipal Health इश्यू आखिरी बड़ा दांवGIFT City में पड़े लावारिस पैसों के लिए बनेगा खास फंड, जानिए किसे मिलेगा पैसाTCS-Infosys से Wipro तक… 5 दिग्गज IT कंपनियों की रिपोर्ट ने बढ़ाई निवेशकों की चिंताIndiGo का राजस्व 19% बढ़ा, फिर भी ₹240 करोड़ का नुकसान क्यों हुआ?विदेशी निवेशक लौटे तो इन शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी, PGIM की रिपोर्टशेयर बाजार के नियमों में होगा बड़ा बदलाव, संसदीय समिति ने SMC Bill पर लगाई मुहरAI के दौर में बदला IT बिजनेस! Mphasis ने अपनाया ऐसा मॉडल, ग्राहकों को भी आ रहा पसंद

वित्त वर्ष 2025 में शेयरों से लगा झटका मगर सोना चमका

Advertisement

शेयर बाजार में शुरुआती बढ़त गिरी, सोने में 37.7% की तेजी, रुपये में हल्की नरमी

Last Updated- March 29, 2025 | 4:33 AM IST
Gold

वित्त वर्ष 2024-25 इक्विटी निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। पहली छमाही में शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया मगर दूसरी छमाही में उथल-पुथल मच गई जिससे बाजार ने शुरुआती बढ़त का अधिकांश हिस्सा गंवा दिया। पूरे वित्त वर्ष में बेंचमार्क निफ्टी 5.3 फीसदी और सेंसेक्स 7.5 फीसदी बढ़ा जो वित्त वर्ष 2023 के बाद सबसे कमजोर सालाना प्रदर्शन रहा। निफ्टी मिडकैप इस दौरान 7.5 फीसदी और स्मॉलकैप 5.4 फीसदी लाभ में रहा।

चालू वित्त वर्ष में सोने की चमक खूब बढ़ी। सोना 37.7 फीसदी बढ़कर 3,070 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया जो वित्त वर्ष 2008 के बाद से सबसे अच्छी तेजी है। बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में खूब निवेश किया। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रुपये में 2.1 फीसदी की नरमी आई। पिछले वित्त वर्ष में रुपया 1.5 फीसदी नरम हुआ था।

इस साल जनवरी से ही रुपये में गिरावट का रुख बना हुआ था मगर शेयर बाजार और डेट मार्केट में निवेश बढ़ने से मार्च में डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती आई और इसने इस साल के अपने पूरे नुकसान की लगभग भरपाई कर ली। चालू वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों में सेंसेक्स करीब 15 फीसदी चढ़ गया था।

मगर शेयरों के ऊंचे दाम के बीच सितंबर और दिसंबर तिमाही में कंपनियों की आय निराशाजनक रहने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी जिससे बाजार में उथल पुथल मच गई। विदेशी निवेशक दूसरी छमाही में 5 महीने शुद्ध बिकवाल रहे। वित्त वर्ष 2026 में बाजार की चाल कंपनियों के मुनाफे में संभावित सुधार और अमेरिकी व्यापार नीति में स्पष्टता पर निर्भर करेगी। वित्त वर्ष की शुरुआत में अस्थिरता दिख सकती है मगर दूसरी छमाही में बाजार सकारात्मक प्रगति कर सकता है।

Advertisement
First Published - March 29, 2025 | 4:33 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement