facebookmetapixel
AIF के लिए नियम आसान करेगा SEBI, एग्जिट और लिक्विडेशन पर नया प्रस्तावभारत में हायर एजुकेशन में बूम से रियल एस्टेट को मिलेगा दम, अगले एक दशक में होगा 100 अरब डॉलर का निवेश!विश्व की चुनौतियों का समाधान बन रहा भारत, पीएम मोदी बोले- विकास की नई ऊंचाई छू रहा देशBharti Airtel Q3FY26 Results: मुनाफा 55% घटकर ₹6,631 करोड़, Arpu बढ़कर ₹259 पर आयाविदेश मंत्रालय का खंडन: NSA अजीत डोभाल नहीं गए अमेरिका… रुबियो से नहीं हुई कोई मुलाकातSIF में 360 ONE MF की एंट्री, DynaSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च; किसके लिए सही निवेश?Suzlon Q3 Results: ₹445 करोड़ का मुनाफा, कमाई बढ़कर ₹4228 करोड़; फिर भी शेयर ने क्यों लगाया 4% का गोता ?भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तेजी, मिड-मार्च तक औपचारिक समझौते का लक्ष्य: पीयूष गोयलBudget 2026 का टैक्स झटका, डिविडेंड और म्युचुअल फंड निवेश अब महंगे क्यों?₹200 तक जाएगा फर्टिलाइजर कंपनी का शेयर! हाई से 44% नीचे, ब्रोकरेज ने कहा – लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक मजबूत

Stock Market: निफ्टी की 1000 अंकों की तेजी में इन 5 शेयरों का रहा 75% से ज्यादा का योगदान!

Stock Market: गौर करने वाली बात ये है कि विदेशी निवेशकों ने इस साल की शुरुआत से अब तक 3 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे हैं, इसके बावजूद बाजार में तेजी बनी हुई है।

Last Updated- May 24, 2024 | 6:13 PM IST
Nifty 50

निफ्टी ने जनवरी में 22,000 के आंकड़े को पार किया था और मई 24 को 23,000 के नए रिकॉर्ड हाई को छुआ। इस 1000 अंकों की तेजी लाने में ICICI बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, SBI, रिलायंस और भारती एयरटेल का 75% से ज्यादा का योगदान रहा है।

निफ्टी को 22,000 से 23,000 तक पहुंचने में 88 कारोबारी दिन लगे। इस तेजी में सबसे आगे ICICI बैंक रहा जिसका इसमें 17.3% से ज्यादा का योगदान रहा। इसके बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा और SBI का क्रमश: 16% और 15% से ज्यादा का योगदान रहा। रिलायंस और भारती एयरटेल का योगदान क्रमश: 15% और 14% रहा।

वहीं, दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक निफ्टी को नीचे खींचने वाली कंपनियों में सबसे आगे रहा। इसने निफ्टी को 19% नीचे खींचा। इसके बाद बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स का क्रमश: 5% और 4% का नकारात्मक योगदान रहा।

निफ्टी को 1000 अंक ऊपर ले जाने वाली रफ्तार में इन 88 कारोबारी दिनों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान ICICI बैंक के शेयरों में 14% की बढ़त दर्ज की गई, महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 60% का उछाल आया, SBI के शेयरों में 36% की बढ़त हुई, रिलायंस के शेयरों में 9% की तेजी रही जबकि भारती एयरटेल के शेयरों में 30% का इजाफा हुआ। वहीं, दूसरी ओर HDFC बैंक के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई जबकि बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स के शेयरों में क्रमश: 11% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

गौर करने वाली बात ये है कि विदेशी निवेशकों ने इस साल की शुरुआत से अब तक 3 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे हैं, इसके बावजूद बाजार में तेजी बनी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह पिछले दो महीनों में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) का बाजार में पैसा लगाना रहा है।

23 मई को भारतीय बाजारों ने नई ऊंचाई छुई थी, रिजर्व बैंक द्वारा 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के विशेष लाभांश की घोषणा के बाद सेंसेक्स 1,000 से ज्यादा अंक ऊपर गया था जबकि निफ्टी 23,000 के आसपास बंद हुआ था। निवेशक अब बेसब्री से 31 मई को जारी होने वाले मार्च तिमाही के जीडीपी आंकड़ों और 1 जून को होने वाले एग्जिट पोल के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को आने वाले हैं।

First Published - May 24, 2024 | 5:56 PM IST

संबंधित पोस्ट