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Closing Bell: बाजार की 2020-21 के बाद सबसे खराब वित्त वर्ष की शुरुआत, सेंसेक्स 1390 अंक टूटा; निफ्टी 23,165 पर बंद, निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ डूबे

आज के कारोबार में निवेशकों का फोकस मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा, विदेशी निवेशकों की चाल , सोने की कीमतें और रुपये की विनियम दर पर भी रहेगा।

Last Updated- April 01, 2025 | 4:05 PM IST
Stock Market Down
Representative image

Stock Market Closing Bell: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के 2 अप्रैल से लागू हो रहे टैरिफ से पहले घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार (1 अप्रैल) को बड़े पैमाने बिकवाली देखने को मिली जिससे बाजार बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ। कोविड प्रभावित वित्त वर्ष 2020-21 के बाद किसी भी वित्त वर्ष के पहले दिन यह बाजार की सबसे खराब शुरुआत है।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स आज 500 से ज्यादा अंक गिरकर 76,882.58 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 75,912.18 अंक तक फिसल गया। अंत में सेंसेक्स 1390.41 अंक या 1.80% की बड़ी गिरावट लेकर 76,024.51 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ़्टी-50 में भी बड़ी गिरावट आई। इंडेक्स कारोबार के दौरान 23,136.40 अंक के नीचले स्तर तक फिसल गया था। अंत में यह 353.65 अंक या 1.50% फिसलकर 23,165.70 पर बंद हुआ।

टॉपल लूजर्स

सेंसेक्स की 30 में से 24 कंपनियों के शेयर गिरावट में चल रहे हैं। सबसे ज्यादा गिरावट बजाज फिनसर्व में देखने को मिल रही है। इसके अलावा इन्फोसिस, एचडीएफ़सी बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, टीसीएस, सन फार्मा के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में थे।

टॉप गेनर्स

दूसरी तरफ, इंडसइंड बैंक का 5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था। साथ ही जोमाटो, नेस्ले इंडिया, आईटीसी, भारती एयरटेल और पावर ग्रिड के शेयर हरे निशान में थे।

निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ डूबे

बाजार में मंगलवार को आई गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप मंगलवार को घटकर 4,09,64,821 करोड़ रुपये पर आ गया। जबकि पिछले ट्रेडिंग सेशन (शुक्रवार) में यह 41,375,586.20 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें आज 4,10,765 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

2020-21 के पहले दिन 4% टूटा था बाजार

कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से वित्त वर्ष 2020-21 की पहले दिन यानी 1 अप्रैल, 2020 में बाजार बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ था। बीएसई सेंसेक्स जहां 1,203 अंक या 4.1% गिरकर 28,265 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 300 अंक या 3.9% लुढ़ककर 8,263 पर आ गया था।

वहीं, 1 अप्रैल 2021 को सेंसेक्स 520.68 अंक या 1.05% बढ़कर 50,029.83 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 176.65 अंक या 1.20% बढ़कर 14,867.35 पर बंद हुआ। इसके अलावा 1 अप्रैल, 2022 को सेंसेक्स 708.18 अंक या 1.21% बढ़कर 59,276.69 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 223.25 अंक बढ़कर 17,688.00 पर बंद हुआ। इससे अगले साल वित्त वर्ष 2022-23 के पहले ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी 50 इंडेक्स करीब 40 अंक बढ़कर 17,400 के करीब बंद हुआ। एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 115 अंक चढ़कर 59,000 के ऊपर 59,106 पर बंद हुआ था।

शेयर बाजार में आज गिरावट की 4 बड़ी वजह?

1. भारतीय शेयर बाजार वैश्विक बाजारों के साथ-साथ ट्रंप के संभावित टैरिफ प्लान के असर को लेकर सतर्कता के माहौल में कारोबार कर रहे हैं।

2. मार्च की शुरुआत से बाजार में आई तेज रिकवरी के बाद अब निवेशक ट्रंप की टैरिफ लागू होने की समयसीमा पूरी होने से पहले मुनाफावसूली कर रहे हैं।

3. बीते दो हफ्तों में एफआईआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) लगातार नेट खरीदार बने रहे, जिससे बाजार में सुधार देखा गया। लेकिन शुक्रवार को ग्लोबल फंड्स ने छह दिन की खरीदारी के सिलसिले को तोड़ते हुए ₹4,352 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की।

4. एशियाई बाजारों ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और मिला-जुला कारोबार किया, जबकि वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। जापान का निक्केई 0.01% नीचे था जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.5% ऊपर। सोमवार को वॉल स्ट्रीट की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी लेकिन दिन के अंत में S&P 500 और डॉव जोन्स क्रमशः 0.55% और 1% चढ़कर बंद हुए। हालांकि, नैस्डैक 100 में 0.14% की गिरावट दर्ज की गई।

ट्रंप का ऐलान, किसी देश को रियायत नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि 2 अप्रैल से बराबरी के शुल्क बिना किसी अपवाद के सभी देशों पर लागू होंगे। ट्रंप ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब भारत और अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार करार के लिए शुल्क रियायत पर बातचीत कर रहे हैं।

ट्रंप ने रविवार को एयरफोर्स वन में संवाददाताओं से कहा, ‘आप इसकी शुरुआत सभी देशों से और अनिवार्य तौर पर उन तमाम देशों से देखेंगे जिनके बारे में हम बात कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि बराबरी का शुल्क केवल उन 10-15 देशों पर लक्षित नहीं होगा जिनका अमेरिका के साथ व्यापार असंतुलन अधिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुल्क व्यापक मगर ‘उदार’ होंगे।

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वैश्विक बाजारों से क्या संकेत

सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार सुबह एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट में रात भर हुए सुधार का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.6 फीसदी, ऑस्ट्रेलिया का ASX200 इंडेक्स 0.34 फीसदी और साउथ कोरिया का कोस्पी 0.92 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ को लेकर बढ़ी चिंता के चलते सोमवार को जापान का बेंचमार्क इंडेक्स 4 फीसदी, साउथ कोरिया का प्रमुख इंडेक्स 3 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया का मुख्य बाजार 1 फीसदी से ज्यादा टूट गया था।

वहीं, अमेरिका में सोमवार को शुरुआती गिरावट से उबरते हुए S&P 500 इंडेक्स 0.55 फीसदी ऊपर बंद हुआ। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ, हालांकि नैस्डैक कंपोजिट 0.14 फीसदी टूट गया।

First Published - April 1, 2025 | 8:13 AM IST

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