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अगले हफ्ते निफ्टी में दिख सकता है कुछ पुलबैक

Last Updated- December 07, 2022 | 11:41 PM IST

बाजार नियामक द्वारा विदेशी पोर्टफोलियो निवशकों द्वारा किए जा रहें अप्रत्यक्ष निवेश पर रोक हटने से अगले दिन बाजार के खुलने के समय सेंटीमेंट के बेहतर रहने की संभावना है।


इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक बाजार में तरलता को बहाल करने के लिए कुछ अन्य बेहतर विकल्पों को अपने साथ लाया इसमें सीआरआर में 150 आधार अंकों की कटौती करना बाजार अब गिरावट से काफी थका लगता है। हम अगले हफ्ते सूचकांकों में पुलबैक देख सकते हैं।

बाजार में वायदा कारोबारी 3400,3500 और 3600 के भाव पर कॉल ऑप्शन की खरीदारी करते देखे गए जबकि 3500-3700 के भावों पर पुट का कारोबार इस बात का संकेत है कि इन मनी पुट में कोई भी खरीदार नहीं है।

यह संकेत हैं कि बाजार अगले हफ्ते सुधर सकता है और इसीलिए वह आउट ऑफ मनी कॉल्स की खरीदारी कर रहे हैं और शार्ट पोजीशन लेने से भी कतरा रहे हैं। टेक्निकली बाजार का ताजा उतार चढ़ाव या कहा जाए बाजार की थकान उन कारोबारियों की वजह से है जो इस मंदी का फायदा नहीं ले सके।

पिछले हफ्ते हमने बताया था कि बाजार 8 जनवरी के स्तर से 56 फीसदी रीट्रेस कर सकता है जैसा कि मंदी के बाजार में हुआ था और जिसकेबाद टेक्नेलॉजी बूम आया था। 8 जनवरी की ऊंचाई से 56 फीसदी का रीट्रेसमेंट 9350 के स्तर पर है।

हालांकि इंट्राडे में सेंसेक्स और एस ऐंड पी निफ्टी करीब 8-10 फीसदी गिरे और सात फीसदी की कमजोरी लेकर बंद हुए। निवेशक रिजर्व बैंक के उठाए गए कदमों से बहुत आश्वस्त नहीं है शुक्रवार को उन्होंने रिलायंस, आईसीआईसीआई, एल ऐंड टी,  और बीएचईएल जैसी कंपनियों के भी शेयर बेचे।

आईसीआईसीआई बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ और इंट्राडे में यह स्टॉक 28 फीसदी तक गिर गया और आखिर में 17 फीसदी की गिरावट लेकर 375.25 रुपए पर बंद हुआ। अक्टूबर वायदा में आईसीआईसीआई बैंक के ओपन इंटरेस्ट में 33.2 लाख  शेयर जुड़े जबकि वायदा भावों में 19 फीसदी की गिरावट रही जो ताजा शार्ट पोजीशन बनने का संकेत है।

First Published - October 10, 2008 | 10:00 PM IST

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