वैश्विक शेयर बाजारों के कमजोर रुख के बीच घरेलू शेयर बाजार लगातार तीन सत्रों के बाद गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 504 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी में 133 अंक की गिरावट आई।
विश्लेषकों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति घोषणा से एक दिन पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने और धातु, आईटी एवं पूंजीगत उत्पाद शेयरों में तेज बिकवाली से धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स कारोबार के अंत में 503.76 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,313.93 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 666.07 अंक गिरकर 83,151.62 अंक तक आ गया था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 133.20 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,642.80 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में इटर्नल, भारती एयरटेल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। दूसरी तरफ, ट्रेंट, टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक और बजाज फाइनैंस के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘पिछले कुछ सत्रों में अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर बनी सकारात्मक धारणा से तेज उछाल देखने को मिली थी लेकिन अब मुनाफावसूली हावी रही और बाजार में गिरावट आई।’
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों में बिकवाली और अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ गई। इसके साथ आरबीआई की शुक्रवार को होने वाली मौद्रिक नीति घोषणा पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार सुबह द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देंगे। मौद्रिक नीति समिति की बैठक बुधवार से शुरू हो गई है। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,447 शेयर गिरकर बंद हुए जबकि 1,737 शेयरों में तेजी रही और 158 अन्य अपरिवर्तित रहे।