Stock Market Closing Bell, 10 October 2025: वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के लास्ट ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (10 अक्टूबर) को सपाट रुख में खुलने के बाद बढ़त में बंद हुआ। सरकारी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों समेत रियल्टी स्टॉक्स में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को लेकर बाजार में अभी भी चिंताएं है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 50 से ज्यादा अंक की गिरावट लेकर 82,075.45 पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में गिरावट बढ़ गई और यह 82,072 तक फिसल गया। हालांकि, बाद में इंडेक्स हरे निशान में लौट गया। अंत में यह 328.72 अंक या 0.40 फीसदी की बढ़त लेकर 82,500.82 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 25,167.65 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,156.85 अंक के इंट्रा-डे लो और 25,330.75 अंक के इंट्रा-डे हाई तक गया। अंत में यह 103.55 अंक या 0.41 फीसदी की गिरावट के साथ 25,285.35 पर बंद हुआ।
एनरिच मनी के सीईओ पोंमुडी आर ने कहा, ”घरेलू और वैश्विक कारकों के मिलेजुले रुख ने इस सप्ताह बाजारों को अपनी मजबूती बनाए रखने में मदद की। इससे निफ्टी 50 ने 25,300 के स्तर को एक बार फिर हासिल कर लिया। नवंबर की समयसीमा से पहले भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते की संभावनाओं को लेकर नई उम्मीदें और मीडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनावों में कमी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।”
उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर बेहतर होते मैक्रोइकोनॉमिक संकेतक से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इनका समर्थन आरबीआई के सक्रिय कदमों, बेहतर क्रेडिट फ्लो और जीएसटी सुधारों के चलते शुरुआती त्योहारी सीजन में बढ़ी उपभोक्ता मांग ने किया। इन सभी कारकों ने मिलकर बाजार की स्ट्रक्चरल ट्रेंड को और बल दिया और तेजी का माहौल बरकरार रखा।
सेंसेक्स के शेयरों में एसीआई में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। यह 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा मारुती सुजुकी, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड और इटरनल जैसे प्रमुख शेयरों में भी 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। दूसरी तरफ, टाटा स्टील में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई। जबकि टीसीएसी के शेयर भी Q2 के नतीजों के एक दिन बाद 1 प्रतिशत टूटकर बंद हुए।
ब्रोडर इंडेक्स की बात करें तो बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की तेजी रही जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। बाजार की ओवरऑल स्थिति भी सकारात्मक रही। करीब 2,480 शेयरों में तेजी आई, जबकि 1,700 शेयरों में गिरावट* देखने को मिली।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो एनएसई हेल्थकेयर और बैंकिंग इंडेक्स में 1 प्रतिशत तक की बढ़त रही। जबकि ऑटो और कैपिटल गुड्स सेक्टर भी 0.5 फीसदी चढ़कर बंद हुए।
एशिया के बाजारों में वॉल स्ट्रीट की तरह ही गिरावट देखी गई। चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स 1.08 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 0.85 प्रतिशत और जापान का निक्केई 0.63 प्रतिशत नीचे आया। हालांकि, छुट्टियों के बाद खुलने के बाद दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.81 प्रतिशत ऊपर रहा।
अमेरिकी शेयर बाजार अपने हालिया रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे गिर गए। शटडाउन के दौरान नए आंकड़ों या उत्प्रेरकों के अभाव में निवेशकों ने आय से पहले अपनी स्थिति मजबूत कर ली। एसएंडपी 500 में 0.28 प्रतिशत की गिरावट आई। नैस्डैक में 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई और डॉव जोन्स 0.52 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।
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