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सेंसेक्स ने छू ली 75,000 की चोटी, 400 लाख करोड़ रुपये का एमकैप हासिल करने के बाद बनाया नया कीर्तिमान

अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य के आंकड़े तथा फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्योरा जारी होने से पहले बाजार में सतर्क रुख देखा गया। ये आंकड़े ही बताएंगे कि फेड आगे दर बढ़ाएगा या नहीं।

Last Updated- April 09, 2024 | 10:28 PM IST
VA Tech Wabag

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के बेंचमार्क सेंसेक्स ने पहली बार आज 75,000 अंक का शिखर पार कर लिया। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 75,124 अंक तक पहुंच गया था मगर उसके बाद मुनाफावसूली हुई और कारोबार की समा​प्ति पर यह कल के मुकाबले 59 अंक नुकसान के साथ 74,684 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 11 दिसंबर, 2023 को पहली बार 70,000 अंक के पार गया था।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 23 अंक की गिरावट के साथ 22,643 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगातार 13वें कारोबारी सत्र में चढ़ा और 0.27 फीसदी ऊपर बंद हुआ। अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य के आंकड़े तथा फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्योरा जारी होने से पहले बाजार में सतर्क रुख देखा गया। ये आंकड़े ही बताएंगे कि फेडरल रिजर्व आगे दर बढ़ाएगा या नहीं।

विश्लेषकों ने मुनाफावसूली को आम बात बताया क्योंकि शेयर के भाव बढ़ने पर निवेशक उन्हें बेचकर मुनाफा कमाते ही हैं। कंपनियों के तिमाही नतीजे आने से पहले ऐसा होता ही है। उन्होंने कहा कि कंपनियों का मुनाफा बढ़ने की उम्मीद और वृहद आर्थिक आंकड़े अनुकूल रहने के कारण बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है।

ऐ​क्सिस सिक्योरिटीज पीएमएस के मुख्य निवेश अ​धिकारी नवीन कुलकर्णी ने कहा, ‘यह उम्मीद तो पहले ही थी कि बाजार नए वित्त वर्ष में नई ऊंचाई पर पहुंचेगा मगर यह अनुमान से कहीं तेज रफ्तार से दौड़ रहा है। अब निवेशकों की नजरें कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेंग। अगर तिमाही नतीजे अनुकूल नहीं रहे तो बाजार में गिरावट आ सकती है। मगर नतीजे हौसला बढ़ाने वाले रहे तो बाजार चढ़ता रहेगा।’

अमेरिकी फेडरल रिजर्व से इस साल दर कटौती की आस है, केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार बनने की उम्मीद है और अर्थव्यवस्था के आसार भी निखरे हुए हैं। इन्हीं की वजह से बाजार दिसंबर से ही दौड़ रहा है।

10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड थोड़ी नरम हुई है मगर अब भी यह नवंबर 2023 के उच्च स्तर 4.38 फीसदी के करीब ही है। निवेशक यूरोपीय केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जिससे साफ हो जाएगा कि वहां फेडरल रिजर्व से पहले ही दर कटौती होगी या नहीं। प​श्चिम ए​शिया में तनाव और आपूर्ति की चिंता के बीच ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

जियोजित फाइनैं​शियल सर्विसेज में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘अमे​रिका में रोजगार और विनिर्माण के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आने के कारण इस साल दर कटौती की उम्मीद पर पानी फिरने की आंशका बढ़ी है। प​श्चिम ए​शिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और आपूर्ति की चिंता से कच्चे तेल के भाव चढ़े हैं, जो बाजार का हौसला कमजोर कर सकते हैं। अगले कुछ समय में निवेशकों की निगाहें इस हफ्ते से शुरू होने वाले तिमाही नतीजों पर होगी।’

First Published - April 9, 2024 | 10:28 PM IST

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