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NSE प्रमुख ने खुदरा निवेशकों को डेरिवेटिव कारोबार को लेकर किया आगाह

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने हाल ही में खुदरा निवेशकों के लिए एफएंडओ कारोबार के बढ़ते जोखिम की ओर इशारा किया था।

Last Updated- June 14, 2024 | 3:27 PM IST
NSE
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रमुख आशीष कुमार चौहान ने खुदरा निवेशकों को डेरिवेटिव में कारोबार करने को लेकर शुक्रवार को आगाह किया और उन्हें म्यूचुअल फंड के जरिए शेयरों में निवेश करने का सुझाव दिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वायदा एवं विकल्प (एफ एंड ओ) डेरिवेटिव में कारोबार केवल सूचित निवेशकों तक ही सीमित होना चाहिए, जो जोखिम से निपट सकें और बाजार को समझ सकें।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने हाल ही में खुदरा निवेशकों के लिए एफएंडओ कारोबार के बढ़ते जोखिम की ओर इशारा किया था। नवंबर 2023 में सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच ने भी निवेशकों को एफएंडओ पर भारी दांव लगाने को लेकर आगाह किया था।

एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चौहान ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ खुदरा निवेशकों को एफएंडओ कारोबार में हिस्सा नहीं लेना चाहिए। उन्हें म्यूचुअल फंड के जरिए शेयरों में निवेश करना चाहिए।’’

उन्होंने आगाह किया कि डेरिवेटिव की अपनी उपयोगिता तो है, लेकिन इसका व्यापार केवल उन्हीं लोगों को करना चाहिए जो जोखिमों को पूरी तरह समझते हैं और उनसे निपटने की क्षमता रखते हैं। जिन लोगों में यह समझ या जोखिम उठाने की क्षमता नहीं है, उन्हें डेरिवेटिव कारोबार से बचना चाहिए। इसके बावजूद, लाभ की संभावना और बढ़ते कारोबार दायरे के कारण ‘एफएंडओ ट्रेडिंग’ की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

इस बीच, बहुप्रतीक्षित एनएसई आईपीओ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

First Published - June 14, 2024 | 3:27 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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