निफ्टी शुक्रवार को 24,565 पर बंद हुआ, जो 3 जून के बाद का इसका सबसे कमजोर बंद स्तर है और इसमें लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट दर्ज हुई। तकनीकी विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि गिरावट जारी सकती है। एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे ने कहा, रोजाना के चार्ट पर निफ्टी ने 24,600 का हालिया एकीकृत समर्थन स्तर तोड़ दिया। चूंकि सेंटिमेंट अभी भी कमजोर है, ऐसे में गिरावट 24,400-24,450 तक हो सकती है। उन्होंने 24,400 को समर्थन का अहम स्तर पहचाना है, अघर इंडेक्स इससे ऊपर टिका रहता है तो 24,600, 24,650 और 24,850 पर प्रतिरोध देखने को मिल सकता है।
इंटरनैशनल बुलियन एक्सचेंज की शुरुआत के साथ सोमवार से चांदी वायदा अनुबंधों की ट्रेडिंग गुजरात इंटरनैशल फाइनैंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में डॉलर में होगी। इस कदम से आयातकों, निर्यातकों और विदेशी प्रतिभागी समेत बाजार के अन्य प्रतिभागियों को ज्यादा सक्षम तरीके से अपनी कीमत जोखिम की हेजिंग का मौका मिलेगा। जून में इसी वित्तीय केंद्र में सोना वायदा शुरू हुआ था। हालांकि अब तक सोना वायदा में ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी कम रहा है। पहले सोना वायदा की ट्रेडिंग इस एक्सचेंज में 18 जुलाई को हुई थी।
सख्त विनियमन के चलते आई सुस्ती के बाद छोटे व मझोले एंटरप्राइजेज (एसएमई) का एक्सचेंज के मुख्य प्लेटफॉर्म की ओर जाने का मामला जोर पकड़ रहा है। पिछले पखवाड़े तीन एसएमई ने मुख्य प्लेटफॉर्म का रुख किया है जबकि अप्रैल व मई में कोई एसएमई इस ओर नहीं बढ़ा और जून में सिर्फ एक एसएमई ने मुख्य प्लेटफॉर्म का रुख किया।
एनएसई के मुख्य प्लेटफॉर्म पर जाने के नए नियम 1 मई से लागू हुए। ये नियम एसएमई में कथित तौर पर जोड़तोड़ और रकम की हेराफेरी की चिंता के बीच लागू हुए और इन्हीं गड़बडि़यों के कारण सूचीबद्धता और मुख्य प्लेटफॉर्म की ओर जाने के नियम सख्त बना दिए गए। संशोधित ढांचे के तहत कंपनियों को पिछले वित्त वर्ष में कम से कम 100 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करना होगा, तीन साल में कम से कम दो साल परिचालन मुनाफा दिखाना होगा और प्रवर्तक की उच्च होल्डिंग के मानक पूरे करने होंगे।