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Stock Market: ज्यादा इक्विटी डिविडेंड की आस तो ये शेयर रखें अपने पास!

इक्विटी बाजार ज्यादा लाभांश देने वाली कंपनियों को पसंद करता है और इन कंपनियों के शेयर की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं जो अपने निवेशकों को बढ़िया पूंजी इजाफा देती हैं।

Last Updated- July 17, 2024 | 11:28 PM IST
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जब इक्विटी में निवेश की बात हो तो निवेशकों का मुख्य रूप से जोर अपने निवेश पर रिटर्न पाने पर होता है। लेकिन इक्विटी से लाभांश शेयरों से मिलने वाले कुल लाभ का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई बड़ी और अच्छी तरह से प्रबंधित कंपनियां हर साल लाभांश का भुगतान करती हैं और ज्यादा लाभांश देने वाली फर्मों का पोर्टफोलियो निवेशक के लिए निरंतर आय का अच्छा स्रोत बन सकता है। कंपनियों का इक्विटी लाभांश का भुगतान उनकी आय में वृद्धि के हिसाब से बढ़ता रहता है और यह तेजी के समय में उनकी आय वृद्धि से भी अधिक तेजी से बढ़ता है।

उदाहरण के लिए पिछले तीन साल में सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा लाभांश भुगतान 18.3 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ा। बीएसई-500, बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में शामिल प्रमुख 1,219 सूचीबद्ध कंपनियों का कुल भुगतान वित्त वर्ष 2021 के 2.61 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 4.33 लाख करोड़ रुपये हो गया।

अगर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो, लार्सन ऐंड टुब्रो और बजाज ऑटो जैसी नकदी संपन्न बड़ी कंपनियां की व्यापक शेयर पुनर्खरीद को शामिल किया जाए तो कंपनियों द्वाराअपने शेयरधारकों को किया जाने वाला कुल भुगतान काफी अधिक है।

इक्विटी बाजार ज्यादा लाभांश देने वाली कंपनियों को पसंद करता है और इन कंपनियों के शेयर की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं जो अपने निवेशकों को बढ़िया पूंजी इजाफा देती हैं। इसलिए ज्यादा लाभांश भुगतान करने वाली कंपनी अपने निवेशकों को उनकी पूंजी में सालाना वृद्धि और इक्विटी लाभांश के तौर पर सालाना आय दोनों के रूप में फायदा पहुंचाती है।

यह सही है कि बाजार में लाभांश प्रतिफल काफी कम है तथा सेंसेक्स इस समय 1.14 प्रतिशत की कमाई करा रहा है। लेकिन अच्छी गुणवत्ता वाले ऐसे कई शेयर हैं जिन्होंने 2.5 प्रतिशत का लाभांश दिया है और कुछ ने तो अपने मौजूदा शेयर भाव पर 5 प्रतिशत तक का लाभांश दिया है।

यहां बीएसई-500 सूचकांक से ऐसे 10 शेयर शामिल किए गए हैं जो भारी लाभांश कमाई, मजबूत राजस्व और वृद्धि, इक्विटी पर ज्यादा रिटर्न और काफी कम कर्ज-पूंजी अनुपात के साथ मजबूत बैलेंस शीट वाले हैं।

हमने मौजूदा शेयर भाव और वित्त वर्ष 2024 में पूरे वर्ष के लाभांश भुगतान के आधार पर कम से कम 2.5 प्रतिशत लाभांश वाले शेयरों का ही चयन किया है। कंपनी का आरओई (पूंजी पर प्रतिफल) भी पिछले तीन साल में कम से कम औसतन 15 प्रतिशत होना चाहिए। इन कंपनियों का चयन पिछले तीन साल में उनकी शुद्ध बिक्री, पीबीआईटी और शुद्ध मुनाफा वृद्धि के आधार पर भी किया गया है।

First Published - July 17, 2024 | 11:28 PM IST

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