facebookmetapixel
सोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारी

भारत में पहली बार शुरू हुआ बिजली डेरिवेटिव ट्रेड, सेबी चेयरमैन बोले- हेजिंग का जरिया बने रहना जरूरी

बिजली वायदा वित्तीय सौदे होते हैं जो कारोबारियों को भौतिक रूप में बिजली वितरण के बिना भविष्य के किसी तय महीने के लिए बिजली की कीमत लॉक करने की अनुमति देते हैं।

Last Updated- July 18, 2025 | 10:32 PM IST
Electricity

भारतीय बाजार में बिजली डेरिवेटिव के सौदे शुरू हो गए हैं। इस मौके पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि नियामक ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि ये अनुबंध अनुचित सट्टेबाजी का जरिया बनने के बजाय हेजिंग का एक माध्यम बने रहें।

मुंबई में एनएसई में बिजली के मासिक वायदा के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए सेबी अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि बिजली डेरिवेटिव को उद्देश्य के अनुरूप बनाए रखने के सुरक्षा उपाय किए गए हैं। बिजली वायदा वित्तीय सौदे होते हैं जो कारोबारियों को भौतिक रूप में बिजली वितरण के बिना भविष्य के किसी तय महीने के लिए बिजली की कीमत लॉक करने की अनुमति देते हैं।

पांडेय ने कहा, ‘बिजली को ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले जिंस के तौर पर रखा गया है जिसमें अधिक शुरुआती मार्जिन की जरूरत होती है। इससे अनुचित सट्टा गतिविधियों को रोका जा सकेगा। बहुत ज्यादा अस्थिरता के समय अतिरिक्त मार्जिन लगाया जा सकता है।’ सेबी प्रमुख ने यह भी बताया कि एक और जिस जोखिम प्रबंधन व्यवस्था बनाई गई है, वह है रोजाना की मूल्य सीमा जो निवेशकों को अचानक और कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचाएगी।

बिजली वायदा कारोबारियों को मूल्य में घट-बढ़ से बचाने में मदद करेगा और भौतिक बिजली कारोबार का पूरक होगा। इन अनुबंधों में व्यापार करने वाले प्रमुख भागीदारों में बिजली उत्पादक, वितरण कंपनियां, बिजली एक्सचेंज, अंतिम उपभोक्ता और अन्य कारोबारी शामिल होंगे।

सेबी अध्यक्ष ने कहा कि ये अनुबंध मांग-आपूर्ति की गतिशीलता के कारण हाजिर बाजारों में कीमतों में उतार-चढ़ाव, दीर्घाव​धि बिजली खरीद समझौते करने वाली डिस्कॉम पर वित्तीय दबाव जैसी चुनौतियों का समाधान करेंगे और बिजली उत्पादन के बुनियादी ढांचे तथा अक्षय ऊर्जा में निवेश को आसान बनाएंगे।

First Published - July 18, 2025 | 10:32 PM IST

संबंधित पोस्ट