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महंगे भाव से डिलिवरी आधारित कारोबार में गिरावट,निवेशक शेयरों में इंट्राडे में खरीदारी कर भुना रहे मौका

बाजार के विशेषज्ञ डिलिवरी के प्रतिशत के परिदृश्य को लेकर बंटे हुए हैं। कुछ की दलील है कि नकदी में डिलिवरी सुधरेगी, जब मूल्यांकन नरम होगा।

Last Updated- January 14, 2024 | 10:52 PM IST
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साल 2023 की शानदार बढ़त के बाद निवेशक इस साल लंबी अवधि की पोजीशन लेने के अनिच्छुक हैं। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर डिलिवरी आधारित कारोबार कैलेंडर वर्ष 2023 के 38.1 फीसदी के औसत के मुकाबले इस साल घटकर 36 फीसदी के नीचे आ गया है।

निवेशक उन शेयरों में डिलिवरी ले रहे हैं जहां वे लंबी अवधि के निवेश या बेहतर पोजिशनल ट्रेड के मौके देख रहे हैं। बाजार के प्रतिभागी डिलिवरी कारोबार में गिरावट की वजह ऊंचे मूल्यांकन को बता रहे हैं, खास तौर से मिड व स्मॉलकैप शेयरों के क्षेत्र में।

निफ्टी-50 एक साल आगे के पीई गुणक 21.9 पर कारोबार कर रहा है जबकि पांच साल का औसत 19 है। निफ्टी मिडकैप 100 एक साल आगे के पीई गुणक 27.6 पर कारोबार कर रहा है जबकि पांच साल का औसत 23.3 है। उधर, निफ्टी स्मॉलकैप 100 पांच साल के औसत 16.9 के मुकाबले पीई गुणक 21.1 पर कारोबार कर रहा है।

इक्विनॉमिक्स के संस्थापक जी. चोकालिंगम ने कहा कि मूल्यांकन में काफी इजाफा हुआ है। अनुभवी निवेशक ऊंचे मूल्यांकन वाले शेयरों को खरीदने और उनमें निवेशित रहने के बजाय ट्रेडिंग का विकल्प चुन रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि ज्यादातर निवेशक उन शेयरों में इंट्राडे के मौके भुना रहे हैं जहां खरीदारी की खासी रफ्तार दिख रही है।

स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा कि निवेशक कम से कम पूंजी में तुरंत लाभ कमाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आपके पास वायदा एवं विकल्प के लिए रकम नहीं है तो आप नकदी बिक्री में हाथ आजमाना चाहेंगे, खास तौर से कम कीमत वाले शेयरों में।

इस बात की चिंता भी है कि क्या भूराजनीतिक तनाव और दरों में बढ़ोतरी के संदेह के बीच साल 2024 में तेजी का परिदृश्य कायम रह पाएगा। इक्विटी बाजारों में पिछले साल इस उम्मीद के बीच तेजी आई थी कि फेडरल रिजर्व इस वर्ष दरों में कटौती करेगा और निवेशक मार्च 2024 में इसकी शुरुआत की उम्मीद कर रहे हैं।

लाल सागर में बढ़ता भूराजनीतिक तनाव और अमेरिका में अनुमान से ऊंचे महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है कि क्या दरों में कटौती का चक्र उनकी उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ पाएगा।

इसके अलावा अगर लाल सागर में तनाव पश्चिमी शक्तियों के बीच बड़े विवाद में तब्दील होता है तो इससे व्यापार मार्ग अवरोधित हो जाएगा और जिंसों की कीमतें बढ़ सकती हैं। गतिरोध के बीच पिछले हफ्ते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.6 फीसदी बढ़ीं। साल 2024 में अब तक निफ्टी में 0.8 फीसदी, निफ्टी मिडकैप 100 में 2.8 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

बाजार के विशेषज्ञ डिलिवरी के प्रतिशत के परिदृश्य को लेकर बंटे हुए हैं। कुछ की दलील है कि नकदी में डिलिवरी सुधरेगी, जब मूल्यांकन नरम होगा। अन्य का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा निवेशक अल्पावधि के ट्रेड को प्राथमिकता दे रहे हैं।

बालिगा ने कहा कि डिलिवरी का प्रतिशत शायद ही सुधरेगा। अगर निवेशक डिलिवरी लेते हैं तो भी इसका मतलब यह नहीं है कि वे लंबी अवधि के निवेशक हैं। ट्रेडर किसी खास दिन डिलिवरी ले सकते हैं और कुछ दिन बाद बिकवाली कर सकते हैं और यह भी डिलिवरी में दर्ज होगा।

First Published - January 14, 2024 | 10:52 PM IST

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