facebookmetapixel
Advertisement
दिल्ली के बड़े अस्पतालों पर CCI की नजर, मरीजों से ज्यादा वसूली के आरोपों ने बढ़ाई हलचलStocks To Watch Today: ITC से Paytm तक शेयर बाजार में हलचल, इन कंपनियों की बड़ी खबरों पर आज रहेगी निवेशकों की नजरQ4 Results: ITC का शुद्ध लाभ बढ़ा, जानें नायिका, मैक्स हेल्थकेयर समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्टEditorial: नॉर्डिक देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारीबैंक बोर्ड बैठकों में अहम मुद्दों पर ध्यान नहीं, क्यों जरूरी है गवर्नेंस में बड़ा बदलाव?भारत में तेजी से बदलते रोजगार परिदृश्य पर नीति निर्माताओं को देना होगा ध्यानIPO और Relisted Shares के नियम बदलने की तैयारी, SEBI ने प्राइस डिस्कवरी में बड़े बदलाव सुझाएGift City में एंट्री करेगी QRT, भारत में बढ़ेगी हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग की रफ्तारपरिचालन के मोर्चे पर ओला इलेक्ट्रिक को बढ़त, लेकिन रिकवरी की रफ्तार पर अब भी विश्लेषकों को संशयGold-Silver Price: चांदी में 5,000 रुपये की उछाल, सोना भी मजबूत

शेयर उधार लेने-देने के ढांचे की होगी समीक्षा, SLB को कारोबारियों के अनुकूल बनाने की जरूरत

Advertisement

शेयरों की उधारी को लेकर पहले से ही एक नियामकीय ढांचा बना हुआ है। लेकिन घरेलू बाजार पर इसका प्रभाव सीमित ही रहा है

Last Updated- October 08, 2025 | 9:51 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) सिक्योरिटीज लेंडिंग ऐंड बॉरोइंग (एसएलबी) ढांचे यानी शेयर उधार लेने और देने की व्यवस्था की समीक्षा करेगा। इसका मकसद इस व्यवस्था को निवेशकों और कारोबारियों के अधिक अनुकूल बनाना है। यह जानकारी सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण जी ने बुधवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान दी। हालांकि शेयरों की उधारी को लेकर पहले से ही एक नियामकीय ढांचा बना हुआ है। लेकिन घरेलू बाजार पर इसका प्रभाव सीमित ही रहा है।

इस व्यवस्था के तहत निवेशक या संस्थान, जिनके डीमैट खाते में शेयर होते हैं, उन्हें शुल्क लेकर उधार दे सकते हैं। यह लेनदेन स्टॉक एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म के माध्यम से होता है। इसमें क्लियरिंग कॉरपोरेशन काउंटर-गारंटी देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उधार लेने वाले आमतौर पर ऐसे शेयरों का इस्तेमाल शॉर्ट-सेलिंग या निपटान डिफॉल्ट से बचने के लिए करते हैं। इस प्रणाली में शेयर मालिक को निष्क्रिय शेयरों पर अतिरिक्त आय कमाने की सुविधा मिलती है जबकि उधार देने का यह तंत्र समूचे बाजार की दक्षता बढ़ाता है।

नारायण ने कहा, ‘हम यह परखने की कोशिश कर रहे हैं कि बाजारों में एसएलबी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए क्या कुछ किया जाना चाहिए। फिलहाल, ज्यादातर लोग शॉर्टिंग के लिए वायदा बाजार का इस्तेमाल करते हैं। हम यह संभावना टटोल रहे हैं कि क्या हम प्रक्रिया के साथ-साथ डिजाइन के नजरिये से भी बाजार कारोबारियों के लिए एसएलबी लेनदेन को आसान और बेहतर बना सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ताओं के ज्यादा अनुकूल एसएलबी ढांचा नकद बाजार में भी कारोबार की मात्रा बढ़ा सकता है।

Advertisement
First Published - October 8, 2025 | 9:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement