facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

नहीं रहा सेंसेक्स में 10 का दम

Last Updated- December 08, 2022 | 12:43 AM IST

वैश्विक वित्तीय संकट के भय से भारतीय शेयर बाजार उबर नहीं पा रहा है। सरकार के सकारात्मक कदम भी बाजार को लुभा नहीं पा रहे हैं।


यही वजह है कि इसमें लगातार गिरावट जारी है और शुक्रवार को सेंसेक्स 10 हजार के मनौवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए दो साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि 24 जुलाई, 2006 के बाद सेंसेक्स पहली बार 10 हजार के नीचे पहुंचा है।

हालांकि शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था और दोपहर तक यह सामान्य गिरावट पर कारोबार करता रहा, लेकिन बाद में बिकवाली हावी हो गई और बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 606.14 अंक लुढ़क कर 9,975.35 के स्तर पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 194.95 अंक नीचे 3,074.35 के स्तर पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉल कैप सूचकांकों में करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के सभी सूचकांक गिरावट पर रहे।

सबसे ज्यादा करीब 10 फीसदी गिरावट अचल संपत्ति क्षेत्र में देखी गई। ऊर्जा क्षेत्र 8 फीसदी और धातु क्षेत्र सूचकांक 6 फीसदी नीचे बंद हुआ। आईटी, फार्मा, वाहन, एफएमसीजी सूचकांक में भी गिरावट देखी गई। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में करीब 12 फीसदी की गिरावट आई।

जेपी एसोसिएट्स और डीएलएफ के शेयर 10 फीसदी नुकसान के साथ बंद हुए। एनटीपीसी, रिलायंस कम्युनिकेशंस और भेल के शेयर 9 फीसदी नुकसान पर रहे। स्टरलाइट, एसबीआई, टीसीएस के शेयरों में भी करीब 8 फीसदी की गिरावट देखी गई। भारती एयरटेल, विप्रो, हिंडाल्को, टाटा स्टील के शेयर करीब 6 फीसदी नुकसान के साथ बंद हुए।

दुनिया में कहीं खुशी तो कहीं गम

एशियाई बाजारों की बात करें, तो चीन को छोड़कर लगभग सभी एशियाई बाजार गिरावट पर बंद हुए। भारतीय कारोबार बंद होने तक यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। ब्रिटेन और फ्रांस के बाजार जहां बढ़त पर कारोबार कर रहे थे, वहीं जर्मनी के बाजारों में गिरावट का रुख रहा। हालांकि गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में तेजी देखी गई और डाऊ जोंस 401 अंक और नैस्डैक 89 अंक ऊपर बंद हुआ था।

सेंसेक्स

606.14 अंक लुढ़का
9,975.35  के स्तर पर बंद

निफ्टी

194.95 अंक लुढ़का
3074.35  के स्तर पर बंद

अचल संपत्ति में गिरावट – 10%
ऊर्जा क्षेत्र में गिरावट – 8%

First Published - October 18, 2008 | 12:24 AM IST

संबंधित पोस्ट