facebookmetapixel
Advertisement
TCS, Tata Power या Tata Steel? टाटा ग्रुप की पांच कंपनियों पर ब्रोकरेज मेहरबान, चेक करें नए टारगेट प्राइसजुलाई की झमाझम बारिश के बाद झटका! अगस्त-सितंबर में कम बारिश का अनुमानShare Market: Sensex 78,000 के पार, Nifty 24,383 के ऊपर… अब आगे क्या होगा?सिर्फ सैलरी से नहीं चलेगा काम! जानिए कैसे शेयर बाजार, बिजनेस और फ्रीलांसिंग से बढ़ाएं अपनी कमाईMaruti Suzuki Q1 Results: मुनाफा 9% घटकर ₹3,446 करोड़ रहा, कच्चे माल की बढ़ी लागत ने बिगाड़ा खेलPM-KISAN Scheme: सरकार ने किसान सम्मान निधि को 5 साल बढ़ाया, जानें कैसे और कौन उठा सकते हैं लाभकैबिनेट का बड़ा फैसला, पीएम-किसान योजना 5 साल बढ़ी; ₹3.15 लाख करोड़ के खर्च को मिली मंजूरीITC Q1 Results: मुनाफा 27% घटकर ₹3,579 करोड़ रहा, पर कमाई 28% बढ़कर ₹26,943 करोड़ हुई146% बढ़े SMS स्कैम के मामले! बैंक खाता पूरी तरह खाली हों, उससे पहले ही ऐसे पहचानें ठगों के फर्जी मैसेजHAL से ₹2,205 करोड़ का ऑर्डर मिलते ही Astra Microwave के शेयर 14% उछले, बनाया 52 हफ्ते का हाई

रियल्टी फर्मों की दूसरी छमाही रहेगी मजबूत

Advertisement

रियल्टी इंडेक्स 26 सितंबर के अपनो सर्वोच्च स्तर से 10 फीसदी नीचे आया है जबकि इस अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स में 7 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।

Last Updated- December 01, 2024 | 10:12 PM IST
Raymond-Realty

वित्त वर्ष 2024-25 में लगातार दूसरी तिमाही में रियल एस्टेट के आवासीय क्षेत्र में नई योजनाएं कम आईं और तैयार निर्माण की बिक्री भी उम्मीद से कम रही। नई पेशकश की धीमी रफ्तार के कारण जुलाई-सितंबर की तिमाही के दौरान सूचीबद्ध डेवलपर का प्रदर्शन कमजोर रहा।

बिक्री में गिरावट की वजह हाल के महीनों में एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स के मुकाबले बीएसई रियल्टी इंडेक्स का कमजोर प्रदर्शन रहा। रियल्टी इंडेक्स 26 सितंबर के अपनो सर्वोच्च स्तर से 10 फीसदी नीचे आया है जबकि इस अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स में 7 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। इसके बावजूद ब्रोकरेज फर्में बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों को लेकर भरोसेमंद बनी हुई हैं।

उन्होंने वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में नई परियोजनाओं की पेशकश की ठोस योजना, प्रबंध करने योग्य कर्ज का स्तर और ब्याज दरों में कटौती की संभावना को इस क्षेत्र में सुधार के वाहक के तौर पर बताया है।

बड़ी सूचीबद्ध डेवलपर में ओबेरॉय रियल्टी, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज और सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) ने प्री-सेल्स यानी बुकिंग में सालाना आधार पर 46 फीसदी से लेकर 184 फीसदी तक की शानदार वृद्धि दर्ज की है। इसके उलट डीएलएफ ने इसमें 69 फीसदी की गिरावट दर्ज की जबकि प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स की बुकिंग 43 फीसदी घटी और शोभा में 32 फीसदी की गिरावट आई।

कुल मिलाकर प्री-सेल्स सालाना आधार पर 5 फीसदी और क्रमिक आधार पर 26 फीसदी घटी। इसका मुख्य कारण अग्रणी डेवलपरों की तरफ से खास तौर से बेंगलूरु में कम योजनाएं उतारना रहा जिनमें मंजूरी से संबंधित मसलों के कारण देर हुई। प्रमुख डेवलपरों के लॉन्च में सालाना आधार पर 1 फीसदी की गिरावट आई।

इन बाधाओं के बावजूद ब्रोकरेज का कहना है कि मंजूरी प्रक्रियाओं का समाधान निकाला जा रहा है और डेवलपर इस वित्त वर्ष की मजबूत दूसरी छमाही के लिए तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उन्हें वित्त वर्ष 25 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत होगी।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के विश्लेषक विप्लव देववर्मा का मानना है कि वित्त वर्ष 2025 के लिए 1.22 लाख करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग के अनुमान के मुकाबले हमारे कवरेज वाली कंपनियां पूर्व-बिक्री का लगभग 40 फीसदी हासिल कर पाई हैं जबकि बाकी 60 फीसदी वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में पूरी होने की उम्मीद है।

गोदरेज प्रॉपर्टीज और मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा) जैसी कंपनियां अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। उन्होंने वित्त वर्ष 2015 की पहली छमाही में क्रमशः 51 फीसदी और 48 फीसदी लक्ष्य हासिल किए हैं। प्रेस्टीज एस्टेट्स जैसी अन्य कंपनियां और आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट को वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में अपने लक्ष्य का 70 फीसदी से अधिक हासिल करने की जरूरत है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अधिकांश डेवलपर सफलतापूर्वक परियोजनाएं लॉन्च करेंगे और अनुमानों को पूरा करेंगे। उनकी अग्रणी पसंदीदा कंपनियों में आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट और ओबेरॉय रियल्टी शामिल है।

नुवामा रिसर्च के विश्लेषकों परवेज़ काज़ी और वासुदेव गनात्रा का कहना है कि वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही के लिए लॉन्च की योजनाओं में काफी संभावनाएं हैं जिससे बुकिंग में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अलावा, दरों में संभावित कटौती इस क्षेत्र के लिए उत्प्रेरक का काम कर सकती है और रियल एस्टेट डेवलपरों की दोबारा रेटिंग शुरू हो सकती है। प्रेस्टीज एस्टेट्स और ब्रिगेड एंटरप्राइजेज इस क्षेत्र की पसंदीदा कंपनियां हैं। सूचीबद्ध डेवलपरो के लिए प्रमुख लाभ कर्ज को लेकर उनकी सहज स्थिति होना है।

कोटक सिक्योरिटीज ने इस बात को रेखांकित किया है कि हाल के वर्षों में उनके शुद्ध कर्ज में कमी आई है जिसे बेहतर नकदी प्रवाह और हालिया इक्विटी बढ़ोतरी से सहारा मिला है। कुछ डेवलपरों के पास अपने आवासीय कोबार में शुद्ध नकदी है, उनकी मजबूत बैलेंस शीट उन्हें अपने भूमि बैंकों को बढ़ाने और लंबी अवधि के लिहाज से वृद्धि दर्ज करने की इजाजत देगी।

कोटक सिक्योरिटीज इस क्षेत्र को लेकर सकारात्मक है। उसे डीएलएफ, ब्रिगेड और सिग्नेचर ग्लोबल मौजूदा कीमत पर पसंद हैं। प्रबंधन योग्य ऋण, लॉन्च की ठोस योजना और मजबूत निष्पादन ने अग्रणी सूचीबद्ध डेवलपरों को बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में मदद की है जो महामारी पूर्व के स्तर से ज्यादा है।

Advertisement
First Published - December 1, 2024 | 10:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement