बाजार नियामक SEBI ने एस्सेल ग्रुप (Essel Group) के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और समूह की कंपनी ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd- ZEEL) के प्रबंध निदेशक (MD) एवं मुख्य कार्यकारी (CEO) पुनीत गोयनका पर किसी भी लिस्टेड कंपनी में निदेशक या किसी प्रमुख प्रबंधकीय पद लेने की रोक लगा दी है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सोमवार को चंद्रा और गोयनका पर यह कार्रवाई ZEEL के पैसे दूसरी जगह भेजने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद की है।
सेबी के मुताबिक, नियमों के कथित उल्लंघन के समय ZEEL के चेयरमैन चंद्रा और निदेशक गोयनका ने अहम प्रबंधकीय पद पर रहते हुए अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया और अपने निजी लाभ के लिए कंपनी के कोष दूसरी कंपनियों में लगा दिया।
सेबी ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि ZEEL के फंड को खपाने के लिए महज दो दिन में ही 13 फर्मों तक एक-एक कर भेजा गया था।
सेबी ने कहा कि ज़ी एंटरटेनमेंट के शेयरों का मूल्य वर्ष 2018-19 में 600 रुपये हुआ करता था लेकिन वर्ष 2022-23 तक यह गिरकर 200 रुपये के करीब आ गया।
कंपनी के लाभ में होने के बावजूद शेयर मूल्य में आई गिरावट से यही निष्कर्ष निकलता है कि कंपनी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं था।
खास बात यह है कि इस अवधि में ज़ी एंटरटेनमेंट में प्रमोटरों की शेयरधारिता 41.62 प्रतिशत से गिरकर 3.99 प्रतिशत रह गई। इतनी कम हिस्सेदारी के बावजूद चंद्रा और गोयनका अहम पदों पर बने हुए हैं।
सेबी ने कहा कि चंद्रा और गोयनका दोनों को ही किसी भी सूचीबद्ध कंपनी या उसकी अनुषंगी में निदेशक या अहम प्रबंधकीय पद लेने से अगले आदेश तक प्रतिबंधित किया जाता है।