facebookmetapixel
Advertisement
लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्टहिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज का ऐलानIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली के लग्जरी होटलों में रेट्स आसमान पर, स्वीट्स 30 लाख रुपये तकफार्मा दिग्गजों की हुंकार: चीन से मुकाबले के लिए भारतीय दवा नियमों में बड़े सुधार की जरूरतपीएम इंटर्नशिप योजना में बदलाव की तैयारी; इंटर्नशिप अवधि और आयु सीमा में कटौती संभवमारुति सुजुकी की रफ्तार: 2025 में रेल से 5.85 लाख वाहनों की रिकॉर्ड ढुलाई, 18% का शानदार उछालFY26 की पहली छमाही में कंपनियों का कैपेक्स 6 साल के हाई पर, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाई तेजीजगुआर लैंड रोवर के वैश्विक नक्शे पर तमिलनाडु: रानीपेट में ₹9,000 करोड़ के TATA-JLR प्लांट का उद्घाटन

शेयर बाजार को पसंद आया व्यापार करार, एक्सपर्ट्स की सलाह- गिरावट पर खरीदें और होल्ड करें

Advertisement

सेंसेक्स और निफ्टी 50 सूचकांक 1 फरवरी के निचले स्तर 79,899 और 24,572 से क्रमशः 5 प्रतिशत चढ़ चुके हैं

Last Updated- February 09, 2026 | 10:07 PM IST
Stock Market

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और भारत तथा अमेरिका के बीच व्यापार करार से उत्साहित बाजार ने पिछले पखवाड़े में बीच-बीच में गिरावट के बावजूद मजबूती हासिल की है। बजट के दिन बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली क्योंकि सरकार ने वायदा और विकल्प (एफऐंडओ) सौदों पर एसटीटी बढ़ा दिया। इसके बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी 50 सूचकांक 1 फरवरी के निचले स्तर 79,899 और 24,572 से क्रमशः 5 प्रतिशत चढ़ चुके हैं। सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी क्रमशः 84,066 और 25,867 के स्तर पर 0.6 प्रतिशत और 0.7 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।

विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर बाजार हाल के घटनाक्रमों की ज्यादातर सकारात्मक बातों को महत्त्व दे रहे हैं। वे निवेशकों को अभी रुकने और लंबी अवधि के नजरिये से शेयर खरीदने के लिए किसी भी गिरावट का उपयोग करने का सुझाव देते हैं। इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी चोक्कालिंगम ने कहा कि फिलहाल,बाजारों के लिए अल्पाव​धि से मध्याव​धि नजरिए से सबसे बुरा दौर खत्म होता दिख रहा है।

उनका मानना है, ‘यूरोपीय संघ और अमेरिका भारत के निर्यात का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस कारण शेयर बाजार के दृष्टिकोण से भी ये करार महत्त्वपूर्ण हैं। रुपये के भी स्थिर होने की उम्मीद है और विदेशी निवेशकों के धीरे-धीरे वापस आने की संभावना है। निवेशक अल्पाव​​धि से मध्याव​धि नजरिए से स्मॉल-ऐंड मिड-कैप शेयर खरीद सकते हैं।’

लेकिन अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक एवं निदेशक यू आर भट्ट थोड़े सतर्क हैं। हालांकि वे इस बात से सहमत हैं कि व्यापार समझौतों ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के रुख के बारे में ​स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन जहां तक इन दो गंतव्यों के लिए भारत से आयात का संबंध है, उन्हें उम्मीद है कि स्पष्टता सामने आने पर बाजार भारत-अमेरिका व्यापार करार की बारीकियों पर प्रतिक्रिया देंगे।

उन्होंने कहा, ‘व्यापार करार को लेकर ​स्थिति स्पष्ट होने पर बाजारों के प्रति​क्रिया दिए जाने की उम्मीद है। हालांकि, अभी जैसी स्थिति है, बाजार घटनाक्रमों से मिलने वाले सकारात्मक संकेतों को पूरी तरह से अनुकूल मानकर चल रहा है। बेहतर होगा कि निवेशक अभी रुकें और (लार्जकैप में) तभी निवेश करें जब निफ्टी में मौजूदा स्तर से 2-3 प्रतिशत की गिरावट आए।’

सेक्टरों के लिहाज से इस अवधि में निफ्टी एनर्जी, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 7-10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे हैं। दूसरी ओर एसीई इक्विटी के आंकड़े से पता चला है कि निफ्टी आईटी लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट के साथ एकमात्र सर्वा​धिक गिरावट वाला सेक्टर रहा है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ डेरिवेटिव ऐंड टेक्निकल विश्लेषक नंदीश शाह का सुझाव है कि निफ्टी 25,800 के स्तर पर बाधा का सामना कर रहा है और इससे ऊपर बंद होने के बाद यह 26,100 के स्तर तक जा सकता है। शाह ने कहा, ‘गिरावट की स्थिति में निफ्टी को 25,500-25,550 के स्तर के आसपास मजबूत समर्थन मिलने की संभावना है।’

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार निफ्टी वर्तमान में अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज (20-, 50-, 100- और 200-जिन के ईएमए) से ऊपर कारोबार कर रहा है, जो एक मजबूत टेक्निकल सेटअप दर्शाता है।

Advertisement
First Published - February 9, 2026 | 9:57 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement