भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एसएमई शेयर डीयू डिजिटल ग्लोबल (पूर्व नाम डीयू डिजिटल टेक्नॉलजीज) के शेयर कीमत में कथित हेरफेर के आरोप में 26 व्यक्तियों को बाजार में प्रवेश से रोक दिया है। 142 पृष्ठों के एक आदेश में बाजार नियामक ने अर्जित 98.78 लाख रुपये के अवैध लाभ वापस करने का निर्देश दिया है और इन व्यक्तियों पर 1.85 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शेयर की कीमत में भारी वृद्धि (अगस्त 2021 में 12 रुपये प्रति शेयर से बढ़कर नवंबर 2022 में 296.05 रुपये के उच्चतम स्तर तक) के बाद उल्लंघन की आशंका के चलते बाजार नियामक ने मामले की जांच की थी।
सेबी ने पाया कि कुछ जुड़े हुए ट्रेडरों के एक समूह ने धोखाधड़ी वाली व्यापारिक रणनीतियों का इस्तेमाल किया था, जिससे शेयर की कीमत और वॉल्यूम में कृत्रिम वृद्धि हुई थी। सेबी की जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से कुछ व्यक्तियों को नियामक द्वारा पहले के आदेशों में भी दंडित किया जा चुका है।
सेबी ने अपने आदेश में कहा, जब संबंधित नोटिसधारक जैसी संस्थाएं समन्वित ट्रेडिंग के माध्यम से कीमतों में हेरफेर करती हैं तो निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है। नियामक प्रतिक्रिया इतनी मजबूत होनी चाहिए कि ऐसे आचरण को रोका जा सके और एसएमई सेगमेंट की लिस्टिंग और ट्रेडिंग की अखंडता में निवेशकों का विश्वास बहाल किया जा सके।
नियामक ने कहा कि सर्कुलर ट्रेड से कीमत और वॉल्यूम में हेरफेर के अलावा किसी भी आर्थिक मकसद की पूर्ति नहीं होती है।