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सेबी ने ईएलएसएस को ऐक्टिव से पैसिव में बदलने की अनुमति दी

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Last Updated- January 11, 2023 | 10:10 PM IST
Aeroflex Industries IPO approved by SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (AMC) को पैसिव ईएलएसएस शुरू करने से पहले अपनी सक्रिय रूप से संभाली जा रही (ऐक्टिव) इक्विटी लिंक्ड बचत योजनाएं (ELSS) बंद करने के निर्देश दिए हैं।

सेबी का यह स्पष्टीकरण ELSS योजनाओं के लिहाज से महत्त्वपूर्ण तिमाही की शुरुआत में आया है क्योंकि निवेशक कर कटौती का लाभ लेने के लिए इन्हीं तीन महीनों में इस तरह की योजनाओं में निवेश करते हैं।

अपेक्षाकृत कम लागत और बेहतर रिटर्न की वजह से हाल ही में पैसिव योजनाएं ऐक्टिव योजनाओं से आगे निकल गई हैं। उद्योग के भागीदारों का मानना है कि सेबी के कदम से फंड कंपनियां पैसिव से ऐक्टिव योजनाओं की ओर जाने के लिए शायद प्रेरित नहीं होंगी।

म्युचुअल फंड उद्योग के एक शीर्ष कार्याधिकारी ने कहा कि बड़ा परिसंपत्ति आधार देखते हुए मौजूदा ऐक्टिव ईएलएसएस योजनाएं बंद कर नए सिरे से पैसिव योजनाएं शुरू करने की कोई तुक नजर नहीं आती। उनके अनुसार इससे पैसिव योजनाओं पर जोर दे रही उन फंड कंपनियों को ही फायदा मिल सकता है, जो ऐक्टिव ईएलएसएस में अटकी पड़ी हैं।

एक वरिष्ठ एएमसी अधिकारी ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई भी AMC उस योजना को बंद करना चाहेगा, जिसमें अच्छी खासी रकम संभाली जा रही हो। फंड कंपनी के तौर पर मैं मानता हूं कि ऐक्टिव ईएलएसएस में काफी संभावनाएं हैं। इसमें तीन साल की लॉक-इन अवधि होती है और सभी मार्केट कैप में निवेश की सुविधा होती है।’ उन्होंने कहा कि पैसिव पर जोर दे रहे जिन एएमसी के पास अधिग्रहण के कारण

ऐक्टिव ईएलएसएस आ गई हैं, वे ही इन्हें बंद कर पैसिव योजना शुरू करने की सोच सकते हैं। नवी एमएफ ऐसी ही एक एएमसी है। इसके पास एस्सेल एमएफ के अधिग्रहण के कारण ऐक्टिव ईएलएसएस योजनाएं आई हैं।

हाल तक ऐक्टिव योजनाएं को ही ईएलएसएस का दर्जा मिल सकता था। पिछले साल बाजार नियामक ने पैसिव योजनाओं के ढांचे में बदलाव कर एमएमसी को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) योजनाओं पर आधारित ईएलएसएस योजनाएं शुरू करने की अनुमति दी थी।

एक अन्य एएमसी के अधिकारी ने कहा कि ईएलएसएस ने नई कर व्यवस्था की शुरुआत के साथ ही अपनी चमक खो दी है क्योंकि उसमें कटौती की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम ऐक्टिव के साथ बने रहेंगे। ईएलएसएस अभी उतनी आकर्षक नहीं लग रही है। इसमें निवेश भी कम हो गया है। इसलिए इसमें अभी प्रयोग करने की जरूरत नहीं है।’ तीन अन्य फंड हाउसों ने भी पैसिव के लिए ऐक्टिव ईएलएसएस बंद करने की संभावना से इनकार किया है।

सेबी ने मंगलवार को म्युचुअल फंड के संगठन एम्फी को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि जिन एएमसी के पास ऐक्टिव ईएलएसएस हैं, वे इसमें नया निवेश बंद करने के बाद ही पैसिव ईएलएसएस शुरू कर सकते हैं। सेबी ने अपने पत्र में कहा है, ‘हितधारकों की प्रतिक्रिया के आधार पर निर्णय लिया गया है कि जिन म्युचुअल फंडों के पास ऐक्टिव ईएलएसएस योजनाएं हैं और जो पैसिव योजनाएं लाना चाहते हैं, उन्हें पहले मौजूदा ऐक्टिव ईएलएसएस में नया निवेश लेना बंद करना होगा।’

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First Published - January 11, 2023 | 10:10 PM IST

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