facebookmetapixel
Advertisement
NPS सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत: अब गंभीर बीमारी में सरेंडर कर सकेंगे एन्युटी पॉलिसी, नियमों में हुआ बदलावExplainer: क्यों बढ़ रहा है टाटा संस पर पब्लिक होने का दबाव? अंदरूनी कलह व RBI के नियमों का पूरा सचDividend Stocks: अगले हफ्ते L&T और Havells समेत ये 18 कंपनियां करेंगी पैसों की बारिश, देखें पूरी लिस्टभारतीयों के लिए दुबई में घर खरीदना होगा आसान, रेजीडेंसी वीजा के लिए प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत सीमा खत्मआसमान में भारत की ताकत बढ़ाने की जरूरत, वायुसेना ने ‘घातक’ स्टेल्थ ड्रोन कार्यक्रम को तेज करने पर दिया जोरनिवेशकों की ऊंची यील्ड की मांग के आगे झुका नाबार्ड, 7,000 करोड़ रुपये का बॉन्ड इश्यू लिया वापसडीजल की महंगाई से ट्रांसपोर्टर्स बेहाल, माल ढुलाई दरों में बढ़ोतरी की तैयारी; ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा सीधा असरब्रिटेन के नए स्टील नियमों से अटका भारत का मेगा व्यापार सौदा, FTA लागू होने में हो सकती है देरीरिकॉर्ड तोड़ रफ्तार: पश्चिम एशिया संकट के बावजूद अप्रैल में भारत का निर्यात 13.8% उछलाबर्जर पेंट्स के शेयरों में 11% का जोरदार उछाल, चौथी तिमाही के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म गदगद

SEBI ने अदाणी के भतीजे पर कसा शिकंजा: अंदरूनी जानकारी शेयर करने का आरोप, भेजा नोटिस

Advertisement

रॉयटर्स द्वारा भेजे ई-मेल के जवाब में प्रणव अदाणी ने कहा कि वे आरोपों को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना, मामले को समाप्त करने के लिए आरोपों का निपटारा चाह रहे थे।

Last Updated- May 02, 2025 | 11:07 PM IST
SEBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के बाजार नियामक ने अदाणी समूह की कई कंपनियों के निदेशक और अरबपति संस्थापक गौतम अदाणी के भतीजे प्रणव अदाणी पर शेयर भाव पर असर डालने वाली जानकारी साझा करने और भेदिया कारोबार से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। एक सूत्र के अनुसार प्रणव अदाणी को पिछले साल भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक नोटिस भेजा था। इसमें आरोप लगाया गया था कि प्रणव अदाणी ने 2021 में सॉफ्टबैंक सम​​र्थित एसबी एनर्जी होल्डिंग्स के अधिग्रहण का सौदा सामने आने से पहले ही अपने रिश्तेदार को उसकी जानकारी दे दी थी। इसकी पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी।

रॉयटर्स द्वारा भेजे ई-मेल के जवाब में प्रणव अदाणी ने कहा कि वे आरोपों को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना, मामले को समाप्त करने के लिए आरोपों का निपटारा चाह रहे थे और उन्होंने किसी भी प्रतिभूति कानून का उल्लंघन नहीं किया है। 

मामले की सीधी जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया कि निपटान शर्तों पर बातचीत हुई है। लेकिन  उन्होंने मामला गोपनीय होने के कारण अपना नाम बताने से मना कर दिया।  यह जांच अदाणी समूह के लिए एक नई चुनौती है। पिछले साल अमेरिकी अधिकारियों ने गौतम अदाणी और अदाणी ग्रीन के दो अधिकारियों पर भारतीय बिजली आपूर्ति अनुबंध हासिल करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगाया था। समूह ने आरोपों से इनकार किया और उन्हें ‘निराधार’ बताया।

सेबी के दस्तावेज में कहा गया है कि प्रणव अदाणी ने अपने बहनोई कुणाल शाह से ‘एसबी एनर्जी के अधिग्रहण से संबंधित यूपीएसआई (अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी) साझा की और 2021 में इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों से संबंधित मानकों का उल्लंघन किया। सेबी के दस्तावेज में कहा गया है कि जांच में कॉल रिकॉर्ड और ट्रेडिंग पैटर्न की समीक्षा की गई थी।

दस्तावेज में कहा गया कि जानकारी साझा होने के बाद कुणाल शाह और उनके भाई नृपाल शाह ने अदाणी ग्रीन के शेयरों में कारोबार किया और 90 लाख रुपये (108,000 डॉलर) का ‘अवैध लाभ’ कमाया।

शाह बंधुओं ने अपनी कानूनी फर्म की ओर से भेजे गए एक बयान में कहा कि ये सौदे किसी अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील सूचना की जानकारी में या किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे से नहीं किए गए थे। बयान में कहा गया, ‘संबंधित जानकारी पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध थी।’

Advertisement
First Published - May 2, 2025 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement