facebookmetapixel
Advertisement
Vedanta Q1FY27 results: मुनाफा 71.8% बढ़कर ₹5,473 करोड़, रेवेन्यू भी 54% बढ़ाGold Demand: पीएम मोदी की अपील और महंगे सोने का असर, मांग 6% घटी; पर बरकरार रहा निवेशकों का भरोसा5paisa Capital खरीदेगी Trendlyne: ₹207 करोड़ में हुई डील, बनेगा देश का पहला AI-फर्स्ट ब्रोकरM&M Q1 Results: दमदार नतीजों से शेयर में आई तेजी, दिन के निचले स्तर से 4% से ज्यादा उछला स्टॉकआधार, पैन या पासपोर्ट गुम होने पर क्या करें? नया डॉक्यूमेंट पाने का आसान तरीकाJuniper Green Energy IPO: आज से खुला ₹1,800 करोड़ का IPO; जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज, GMP और अन्य डीटेलहोर्मुज छोड़ अब इस रास्ते से तेल भेज रहा सऊदी अरब, क्या है पूरी रणनीति?चीन की अर्थव्यवस्था पर संकट के संकेत? सरकार ने तुरंत बदली स्ट्रैटेजीMP Farmer Protest: मप्र सरकार ने आंशिक रूप से मानी मांगें, किसानों का प्रदर्शन खत्मITR Filing Alert: अभी तक नहीं भरा ITR? अब 48 घंटे से भी कम बचा है समय, जानें ऑनलाइन फाइल करने का आसान तरीका

बाजार नियामक के नए नियमों के बाद राइट्स इश्यू ने पकड़ा जोर

Advertisement

बाजार नियामक सेबी के नए नियम अप्रैल की शुरुआत में लागू होने के बाद राइट्स इश्यू के जरिये रकम जुटाने की गतिविधियों में तेजी आई है।

Last Updated- June 08, 2025 | 10:36 PM IST
Rights issue gains momentum in 2024, 20 companies raise Rs 21,404 crore 2024 में राइट्स इश्यू ने पकड़ी रफ्तार, 20 कंपनियों ने जुटाए 21,404 करोड़ रुपये
प्रतीकात्मक तस्वीर

मई में चार कंपनियों ने राइट्स इश्यू से 4,188 करोड़ रुपये जुटाए जो जनवरी 2024 के बाद का सर्वोच्च मासिक आंकड़ा है। इन अहम पेशकश में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनैंशियल सर्विसेज का 2,996 करोड़ रुपये का इश्यू, लॉयड इंजीनियरिंग वर्क्स का 987 करोड़ रुपये का इश्यू, मैक्स इंडिया का 124 करोड़ रुपये का इश्यू और अवानटेल का 81 करोड़ रुपये का इश्यू शामिल है।

अप्रैल में फ्यूजन फाइनैंस ने 800 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस महीने कम से कम छह और राइट्स इश्यू आवेदन के लिए खुले हैं जिनमें अग्रो कैपिटल का 400 करोड़ रुपये का इश्यू शामिल है। गतिविधियों में तेजी सेबी की संशोधित व्यवस्था के बाद आई है। इससे राइट्स इश्यू की गति तेज हुई है और पूंजी की इच्छुक कंपनियों के लिए इसे ज्यादा आकर्षक बना दिया है।

राइट्स इश्यू के तहत सूचीबद्ध फर्में अपने मौजूदा शेयरधारकों को नए इक्विटी शेयरों की पेशकश कर रकम जुटाती हैं। ऐसे निर्गम अक्सर छूट पर आते हैं और कंपनियां इससे अपने स्वामित्व की हिस्सेदारी बरकरार रखने में सक्षम होती है।

मुख्य बदलावों में प्रक्रिया की समयसीमा को 317 दिनों से घटाकर 23 कार्य दिवस करना, निवेशकों के लिए सात दिन की आवेदन अवधि, तेज आवंटन और ट्रेड के लिए सक्षम नए शेयर उपलब्ध कराना शामिल है। सरलीकृत खुलासे और पहले के सुधार जैसे कि छोड़े गए शेयर और राइट्स एनटाइटलमेंट की ट्रेडिंग ने इसके आकर्षण में इजाफा कर दिया है।

निवेश बैंकरों को उम्मीद है कि अब ज्यादा कंपनियां पात्र संस्थागत नियोजन के बजाय राइट्स इश्यू का विकल्प चुनेंगी क्योंकि सरलीकृत प्रक्रिया जोर पकड़ रही है।

Advertisement
First Published - June 8, 2025 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement