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जेन स्ट्रीट जैसे फर्म हटे तो रिटेल ट्रेडिंग पर पड़ेगा असर: Zerodha CEO

सेबी के मुताबिक, जेन स्ट्रीट ने कैश सेगमेंट और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में एक साथ सौदे करके इंडेक्स में हेरफेर की। यह सब इस फंड ने भारी मुनाफा कमाने के इरादे से किया।

Last Updated- July 05, 2025 | 2:01 PM IST
Nithin Kamath
Zerodha founder and CEO Nithin Kamath

ज़ेरोधा के फाउंडर और सीईओ निथिन कामत ने आगाह किया है कि यदि जेन स्ट्रीट जैसी बड़ी प्रॉप ट्रेडिंग फर्में विकल्प (Options) ट्रेडिंग से पीछे हटती हैं, तो खुदरा निवेशकों की भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है।

कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “प्रॉप ट्रेडिंग फर्में, जैसे कि Jane Street, ऑप्शन ट्रेडिंग वॉल्यूम का लगभग 50% योगदान देती हैं। अगर वे पीछे हटती हैं, जिसकी संभावना नजर आ रही है, तो करीब 35% खुदरा ट्रेडिंग भी प्रभावित हो सकती है। यह स्थिति एक्सचेंजों और ब्रोकर्स दोनों के लिए बुरी खबर साबित हो सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले कुछ दिनों में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) वॉल्यूम से यह साफ हो जाएगा कि बाजार इन प्रॉप ट्रेडिंग फर्मों पर कितना निर्भर है।

शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित हेज फंड जेन स्ट्रीट (Jane Street) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उस पर भारतीय बाजारों में गड़बड़ी फैलाने का आरोप लगाया है।

सेबी के मुताबिक, जेन स्ट्रीट ने कैश सेगमेंट और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में एक साथ सौदे करके इंडेक्स में हेरफेर की। यह सब इस फंड ने भारी मुनाफा कमाने के इरादे से किया।

सेबी ने शुक्रवार तड़के आदेश जारी करते हुए जेन स्ट्रीट को भारतीय बाजार में कारोबार करने से रोक दिया और उस पर 4,843 करोड़ रुपये की अवैध कमाई जब्त कर ली है। जांच में सामने आया कि इस फंड ने जनवरी 2023 से मई 2025 के बीच शुद्ध रूप से 36,671 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।

कमाथ बोले – चेतावनी के बावजूद नहीं रुका हेज फंड

मार्केट एक्सपर्ट नितिन कमाथ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अगर आरोप सही हैं तो यह बाजार में खुलेआम हेरफेर है। हैरानी की बात है कि एक्सचेंज की चेतावनी के बाद भी जेन स्ट्रीट ने अपनी गतिविधियां बंद नहीं कीं।”

उन्होंने आगे कहा, “संभव है कि अमेरिका के लचीले रेगुलेटरी सिस्टम के आदी होने के चलते उन्हें ऐसा करना सामान्य लगा हो। अमेरिका के बाजारों की संरचना में डार्क पूल, ऑर्डर फ्लो की पेमेंट जैसी चीजें हैं, जिससे हेज फंड खुदरा निवेशकों से अरबों कमाते हैं।”

“भारत में ऐसी चीजें नहीं चलतीं। इसके लिए सेबी की सराहना करनी होगी कि उसने जेन स्ट्रीट के खिलाफ सख्त कदम उठाया।”

First Published - July 5, 2025 | 2:01 PM IST

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