facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

मंदी ने खटखटाया दरवाजा

Last Updated- December 08, 2022 | 1:43 AM IST

वैश्विक वित्तीय संकट का असर भारतीय कंपनियों पर दिखने लगा है।


अब तक जिन कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, उनमें से करीब 41 फीसदी कंपनियों के मुनाफे में कमी आई है।पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस वर्ष की दूसरी तिमाही में 657 कंपनियों में से 218 कंपनियों का मुनाफा घटा है।

218 कंपनियों के मुनाफे में करीब 30.5 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि इनकी बिक्री में करीब 17.7 फीसदी का इजाफा हुआ है। दूसरी ओर, वर्ष 2007-08 की दूसरी तिमाही में इन कंपनियों का औसत मुनाफा 18.69 फीसदी रहा था, जबकि औसत आय में 19.23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।

जानकारों के मुताबिक, बढती लागत और मांग में की कमी की वजह से इन कंपनियों के मुनाफे में सेंध लगी है। यही नहीं, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनियों को करीब 669 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनियों के मुनाफे में सेंध लगने की मुख्य वजह उत्पादन लागत में बढ़ोतरी है।

इन श्रेणी में ऑटोमोबाइल, सीमेंट, मेटल, मीडिया, पूंजीगत वस्तु और उर्वरक कंपनियां शामिल हैं। अंबुजा सीमेंट और हेवी इलेक्ट्रिकल्स के मनाफे पर भी उत्पादन लागत बढ़ने से असर पड़ा है। हालांकि कुछ सिक्यूरिटीज और ब्रोकरेज कंपनियों को भी इस दौरान नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन उसकी वजह अलग है।

अंबुजा सीमेंट के प्रबंधकों का मानना है कि कोयला, फ्लाई एश और मालभाड़ा में बढ़ोतरी होने से उसके उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। वहीं उनका कहना है कि सरकारी पाबंदी की वजह से वे बढ़ी लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने में सक्षम नहीं है, जिसकी वजह से उनके मुनाफे पर असर पड़ा है।

हिंदुस्तान जिंक को भी धातुओं की कीमत में इजाफे की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है। कई कंपनियों को डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरने से भी नुकसान उठाना पड़ा है।

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में करीब 41 फीसदी कंपनियों का मुनाफा घटा
लागत में बढ़ोतरी और मांग में कमी से कमाई पर असर
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी किया प्रभावित

First Published - October 27, 2008 | 1:07 AM IST

संबंधित पोस्ट