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Colocation facility: कोलोकेशन सुविधा का दायरा बढ़ाएगा NSE

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शेयर ब्रोकरों को तेज ट्रेडिंग सुविधा देने के लिए एनएसई की बड़ी पहल, वित्त वर्ष 2026 तक क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

Last Updated- January 08, 2025 | 10:34 PM IST
NSE

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने बुधवार को अपनी कोलोकेशन सुविधा के लिए विस्तार योजनाओं की घोषणा की। इसके तहत उसने करीब 2,000 नए रैक जोड़ने का लक्ष्य रखा है। यह क्षमता वृद्धि उसके मौजूदा परिसरों में की जाएगी।

कोलोकेशन सुविधा से शेयर ब्रोकरों को एक्सचेंज के डेटा सेंटर में अपने सर्वर रखने और ट्रेडिंग डेटा (करीद-फरोख्त के आंकड़े) और प्राइस फीड (कीमतों) तक तेज पहुंच बनाने में मदद मिलती है। सुविधा तुरंत मिलने से ट्रेडिंग तेजी से होती है। इसके बदले एक्सचेंज ब्रोकरों से वार्षिक शुल्क लेते हैं।

ताजा चरण में उसने 200 से ज्यादा फुल रैक इक्विपमेंट (एफआरई) क्षमता उपलब्ध कराई है जबकि करीब 300 एफआरई क्षमता वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के अंत तक जोड़ी जाएगी। इस वृद्धि से क्षमता 1,500 रैक तक पहुंच जाएगी। अगले दो वर्ष में चरणबद्ध तरीके से जरूरत के आधार पर लगभग 2,000 एफआरई क्षमता जोड़ने की योजना है। इसके लिए एक्सचेंज अपने मौजूदा परिसरों को डेटा सेंटर में तब्दील करेगा और कम जरूरी कर्मियों को अन्य कार्यालय परिसरों में भेजा जाएगा।

इस समय 200 से ज्यादा शेयर ब्रोकरों और सदस्यों ने एक्सचेंज की कोलोकेशन सुविधा में रैक की सदस्यता ले रखी है जबकि 100 से अधिक सदस्यों ने कोलोकेशन एज ए सर्विस (सीएएएस) मॉडल की सदस्यता ली है। एनएसई ने कहा है कि बाजार कारोबारियों की मांग के बाद इस विस्तार योजना पर अमल किया जा रहा है।

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First Published - January 8, 2025 | 10:34 PM IST

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